Peru Gen-Z Protests: बांग्लादेश और नेपाल के बाद पेरू हिंसा की आग में जल रहा है. पेरू की राजधानी लीमा में Gen-Z सड़कों पर उतरे हुए हैं और सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे हैं. विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी के दौरान प्रदर्शनकारियों का पुलिस से टकराव हुआ. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर कूच करने से रोक तो प्रदर्शनकारी पुलिस कर्मियों से भिड़ गए. दोनों पक्षों में झड़प और धक्का-मुक्की हुई. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वालों पर पत्थर और लाठियां फेंकी, वहीं पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे.

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इसलिए सरकार के विरोधी हुए Gen-Z

बता दें कि पेरू में Gen-Z देश में बढ़ते अपराध, सरकारी पदों पर भ्रष्टाचार और हाल ही में हुए पेंशन सुधार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार की अलग-अलग नीतियों के कारण लोगों में सामाजिक असंतोष बढ़ा, जिसने विरोध प्रदर्शन के लिए Gen-Z को प्रोत्साहित किया. 54 साल के एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि पेरू अब लोकतांत्रिक देश नहीं लगता, बल्कि आज यहां के लोग डर की जिंदगी जी रहे हैं और जबरन वसूली का दंश झेल रहे हैं. कांग्रेस की सरकार पर लोगों को विश्वास नहीं है और सरकार की नीतिया देश में तबाही मचा रही हैं.

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छावनी में तब्दील हुआ पूरा लीमा शहर

बता दें कि राजधानी लीमा में करीब 500 प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और नारेबाजी करते हुए संसद की ओर कूच करने लगे. हालातों को देखते हुए सरकार ने पुलिस बल को शहर में तैनात करने का आदेश दिया. देखते ही देखते पूरा शहर छावनी बन गया और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को रोकने के आदेश मिले. जब प्रदर्शनकारियों ने सरकारी और कांग्रेस भवनों के पास पहुंचने की कोशिश की तो पुलिस के रोकने पर झड़प हो गई, जिसमें कई पुलिस वाले घायल हुए, वहीं पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे तो छर्रे लगने से कई लोग घायल हुए.

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सर्वे में भ्रष्ट निकली पेरू की सरकार

बता दें कि राष्ट्रपति दीना बोलुआर्टे का कार्यकाल अगले साल समाप्त हो रहा है, लेकिन उनकी लोकप्रियता जबरन वसूली और आपराधिक घटनाओं के चलते गिर गई है. सरकार ने कई जनमत सर्वे कराए, जिसमें निष्कर्ष निकला कि पेरू की सरकार और रूढ़िवादी बहुमत वाली कांग्रेस को कई लोग भ्रष्ट मानते हैं. इसी हफ्ते सरकार ने एक कानून पारित करके युवाओं के लिए प्राइवेट पेंशन फंड में शामिल होना अनिवार्य किया गया है, जबकि नौजवान बेरोजगारी झेल रहे हैं, इसलिए नया कानून लागू होने के बाद लोग भड़क गए और युवाओं ने सरकार से नौकरियों की मांग की.