अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के मद्देनजर उम्मीदवार भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं को लुभाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. कोई भारतीय रेस्तरां में डोसा बनाकर समुदाय से जुड़ने की कोशिश कर रहा है तो कोई मंदिरों में आयोजित धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शिरकत कर समर्थन जुटाने में लगा है. डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने उपनगर डलास के इरविंग स्थित एक भारतीय रेस्तरां में खुद डोसा बनाया. उन्होंने तवे पर डोसे का घोल फैलाया, उसमें आलू एवं अन्य सब्जियों से बने मसाले डाले तथा तैयार डोसे को केले के पत्ते पर परोसा. उनके इस अंदाज का वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया.
टेक्सास में बड़ी संख्या में रहने वाले भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने टालारिको की इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत किया. टालारिको राज्य की सीनेट सीट के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन को चुनौती दे रहे हैं.
व्यवसायी जेम्स ब्लंट ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर टालारिको के इस कदम की सराहना की. उन्होंने कहा कि एक ओर कुछ रिपब्लिकन समर्थक भारतीयों और उनके खानपान को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कर रहे हैं, वहीं टालारिको डोसा बना रहे हैं।
ब्लंट ने कहा, ‘एक पार्टी विभाजन परोस रही है, जबकि दूसरी भारतीय चावल के डोसा परोस रही है, जो वाकई बेहद स्वादिष्ट है.’
भारतीय-अमेरिकी आबादी वाले राज्यों में मंदिर भी चुनाव प्रचार और सामुदायिक संपर्क के अहम केंद्र बनकर उभरे हैं. उम्मीदवार मंदिरों में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होकर समुदाय के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं.
कनेक्टिकट के गवर्नर नेड लैमॉन्ट ने एक और कार्यकाल के लिए चुनाव मैदान में रहते हुए उप विदेश मंत्री जेनिफर बाराहोना के साथ स्टेट कैपिटल में आयोजित दिवाली समारोह में हिस्सा लिया.
ओहायो के सांसद ग्रेग लैंड्समैन शेरोनविल स्थित बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर के 11वें पाटोत्सव में शामिल हुए. वहीं, न्यू जर्सी के सीनेटर कोरी बुकर ने अक्षरधाम मंदिर में आयोजित दिवाली समारोह में शिरकत की.
कांग्रेस सदस्य रैंडी फाइन और स्कॉट पेरी भी समुदाय से संपर्क साधने के लिए हैरिसबर्ग के एक मंदिर पहुंचे. मिशिगन में सांसद जॉन जेम्स ने एक स्वामीनारायण मंदिर का दौरा कर वहां की परंपराओं और हिंदू-अमेरिकी समुदाय की सेवा भावना के बारे में जानकारी ली.
अमेरिका में भारतीय समुदाय की उल्लेखनीय आबादी कैलिफोर्निया, टेक्सास, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, वाशिंगटन, इलिनॉय, पेंसिल्वेनिया और जॉर्जिया जैसे राज्यों में है. जॉर्जिया, पेंसिल्वेनिया, मिशिगन और नॉर्थ कैरोलाइना जैसे कड़े चुनावी मुकाबले वाले राज्यों में एक से दो प्रतिशत मतों का अंतर भी चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं का समर्थन उम्मीदवारों के लिए अहम माना जा रहा है.