दुनिया का सबसे पावरफुल ड्रोन फिलहाल अमेरिका के पास है और इसका नाम एमक्यू-9 रीपर है. इस ड्रोन ने पहली बार साल 2001 में उड़ान भरी थी और 2007 में इसे अमेरिकी एयरफोर्स में शामिल किया गया था. इसे समय के साथ इतना अपग्रेड किया गया है कि आज इसकी गिनती दुनिया के सबसे घातक हथियारों में की जाती है. अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार इसके नाम में ‘एम’ का मतलब मल्टीरोल है और ‘क्यू’ का अर्थ रिमोट से चलने वाला एयरक्राफ्ट है. यह ड्रोन अपने सेंसर और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन की मदद से किसी भी दुश्मन के लिए काल साबित हो सकता है.
हथियारों का जखीरा और अद्भुत मारक क्षमता
एमक्यू-9 रीपर की सबसे बड़ी खूबी इसकी हथियार ले जाने की क्षमता है जो इसे जंग में गेम चेंजर बनाती है. यह ड्रोन अपने साथ लगभग 1700 किलो तक का भार उठाकर उड़ सकता है. एक ही मिशन पर यह चार हेलफायर मिसाइलों के साथ-साथ दो 227 किलोग्राम के बम ले जाने में सक्षम है. इसकी बाहरी हथियार ले जाने की क्षमता एक टन से भी ज्यादा है जो इसे दुनिया के किसी भी दूसरे ड्रोन से मीलों आगे खड़ा कर देती है. यही वजह है कि इसे ‘हंटर-किलर’ ड्रोन भी कहा जाता है क्योंकि यह खुफिया जानकारी जुटाने के साथ-साथ सटीक हमला करने में माहिर है.
आसमान में 27 घंटे तक लगातार निगरानी
यह ड्रोन न केवल हमलावर है बल्कि निगरानी के मामले में भी इसका कोई मुकाबला नहीं है. रीपर ड्रोन लगातार 27 घंटे तक आसमान में उड़ान भर सकता है जिससे दुश्मन की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा सकती है. यह प्रीडेटर ड्रोन से कहीं ज्यादा बड़ा और शक्तिशाली है जो एक निश्चित समय में अपने टारगेट को खोजकर उसे नेस्तनाबूद कर देता है. इसमें लगे आधुनिक सेंसर और प्रीडेटर प्राइमरी सैटेलाइट लिंक इसे रिमोट कंट्रोल के जरिए दुनिया के किसी भी कोने से ऑपरेट करने की सुविधा देते हैं. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच इस ड्रोन की चर्चा फिर से तेज हो गई है.
जंग के मैदान में असली गेम चेंजर
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती तल्खी के बीच माना जा रहा है कि अमेरिका इन ड्रोन्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर सकता है. यह ड्रोन किसी भी रडार की पकड़ में आए बिना दुश्मन के ठिकाने तक पहुंच जाता है और पलक झपकते ही उसे तबाह कर देता है. इसके जरिए होने वाले हमले इतने सटीक होते हैं कि आसपास के इलाकों को नुकसान पहुंचाए बिना केवल टारगेट को ही खत्म किया जा सकता है. इंटेलिजेंस, सर्विलांस और सटीक स्ट्राइक की खूबियों के कारण यह आधुनिक युद्ध का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है. आज के दौर में यह किसी भी देश की वायुसेना के लिए सबसे बेशकीमती संपत्ति है.
संबंधित खबरें
कौन हैं FBI डायरेक्टर काश पटेल की 18 साल छोटी मंगेतर एलेक्सिस विल्किन्स? कब हुई थी दोनों की पहली मुलाकात
41 mins agoक्या रूस में फैल गया है प्लेग? रिसर्चर की मौत के बाद हड़कंप, 200 लोग क्वारंटीन; जानिए सरकार ने क्या बताया
49 mins agoजुलाई में ही था फ्लाईदुबई को क्रैश करने का प्लान, फिर ओमानी पायलट ने क्यों बदला इरादा?
58 mins agoहिंसक हुआ फ्रांस का Gen-Z आंदोलन, एफिल टावर के पास तोड़फोड़-आगजनी, जानें सड़कों पर क्यों हैं स्टूडेंट्स और अभिभावक?
4 hrs ago'अलकायदा आतंकी दोनों इंजन बंद कर प्लेन क्रैश करना चाहता था', फ्लाईदुबई फ्लाइट के को-पायलट को लेकर चौंकाने वाले खुलासे
4 hrs agoAaj Ki Taaza Khabar LIVE Updates: भारतीय सेना ने वियतनाम के युवक को किया रेस्क्यू, अंडमान निकोबार में मर्चेंट शिप पर हुआ था घायल
4 hrs agoपाकिस्तान में PTI ने ठुकराई शहबाज सरकार की कौन सी शर्त? अब आर-पार की लड़ाई पर पहुंची बात
17 hrs agoफ्लाईदुबई के प्लेन को हादसे से बचाने वाले रहस्यमयी फरिश्ते कौन थे? यात्रियों ने बताई आपबीती
18 hrs agoक्या है अमेरिका का वीजा बॉन्ड और 50 देशों पर क्यों हुआ लागू ? भारत को मिली छूट
18 hrs agoयूक्रेन में रूसी ड्रोन हमले से भारतीय फार्मा प्लांट तबाह, 400 करोड़ के नुकसान का अनुमान
19 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines