Explained What is missile defense system: हज के दौरान मक्का में तैनात मिसाइल डिफेंस सिस्टम एक ऐसी तकनीकी और सैन्य प्रणाली है जो दुश्मन की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज़ मिसाइलों या अन्य हवाई हमलों को पहचानने, ट्रैक करने और उन्हें हवा में ही नष्ट करने के लिए तैयार किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य देश, सैन्य ठिकानों या महत्वपूर्ण ढांचागत सुविधाओं को मिसाइल हमलों से बचाना है। मिसाइल डिफेंस सिस्टम आधुनिक युद्ध में रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल सैन्य बलों बल्कि नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है।
कैसे काम करता है मिसाइल डिफेंस सिस्टम?
1. सेंसर और रडार: रडार सिस्टम और सैटेलाइट-आधारित सेंसर जैसी मिसाइलों की पहचान और उनकी गति-दिशा व ऊंचाई का पता लगाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
2. इंटरसेप्टर मिसाइलें: भारत के पृथ्वी एयर डिफ़ेंस या अमेरिका का थाड़ जैसी ये ऐसी मिसाइलें हैं जो आने वाली दुश्मन मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर देती हैं। ऐसे मिसाइल की पहचान होते ही उसकी दिशा, रफ्तार और संभावित निशाने की सटीक जानकारी जुटाई जाती है।
3. कमांड और कंट्रोल सिस्टम: यह सेंसरों से प्राप्त जानकारी का विश्लेषण करता है और इंटरसेप्टर मिसाइलों को निर्देश देता है।
धार्मिक अवसर पर सैन्य तैयारी की जरूरत क्यों?
अल-हराम मस्जिद और सऊदी क्लॉक टावर के आसपास अमेरिकी पेट्रियट मिसाइल सिस्टम दिखाई दे रहा है। एक हेलीकॉप्टर को भी मस्जिद और उसके आसपास गश्त करते देखा गया है। मंत्रालय ने इन तस्वीरों के साथ लिखा है।
इन तस्वीरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि हज जैसे शांतिपूर्ण धार्मिक अवसर पर इस स्तर की सैन्य तैयारी की जरूरत क्यों पड़ी? कुछ जानकार मानते हैं कि यह तैयारी यमन के हूती विद्रोहियों की गतिविधियों के मद्देनजर की गई है।
विद्रोहियों के बीच वर्षों से तनाव
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच वर्षों से तनाव बना हुआ है। सऊदी अरब पहले भी हूतियों पर मक्का समेत कई शहरों को मिसाइल से निशाना बनाने का आरोप लगा चुका है। हालांकि, हूती इन आरोपों से इनकार करते आए हैं। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, इस बार करीब 12.5 लाख हज यात्री मक्का पहुंचे हैं। इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
यह तैयारी सुरक्षा की दृष्टि से अहम
सऊदी पब्लिक सिक्योरिटी डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अल-बसामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सऊदी अरब की यह तैयारी न केवल सुरक्षा की दृष्टि से अहम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि हज यात्रा के दौरान किसी भी संभावित खतरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा। मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती एक असामान्य लेकिन सावधानीभरा कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य अमन और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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