तुर्की में कांपी धरती, आया इतनी तीव्रता का भूकंप, घरों से बाहर भागे लोग

तुर्की में एक बार फिर धरती हिल गई, जब अचानक भूकंप आया। झटके महसूस होते ही लोग डर गए और जल्दी-जल्दी घरों से बाहर भागने लगे। चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। यह भूकंप रिक्टर स्केल पर 5.2 तीव्रता का था।

Earthquake | Earthquake Tremors | Earthquake Jolts

पाकिस्तान में 5 दिन दूसरी बार भूकंप के जोरदार झटके लगे हैं।

तुर्की में एक बार फिर भूकंप के तेज झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी। अचानक धरती कांपने लगी और लोग अपने-अपने घरों से भाग कर बाहर निकल आए। रिक्टर स्केल पर 5.2 तीव्रता वाला यह भूकंप राजधानी अंकारा सहित कई इलाकों में महसूस किया गया। पिछले साल फरवरी में आए भयंकर भूकंप की यादें लोगों के दिलों में ताजा हो गईं। प्रशासन ने सभी से शांत रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है ताकि कोई नुकसान न हो।

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भूकंप से दहशत, लोग घरों से बाहर निकले

तुर्की में एक बार फिर भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को डर के साये में डाल दिया है। रिक्टर स्केल पर 5.2 की तीव्रता वाला यह भूकंप आया और पूरे इलाके में महसूस किया गया। खासतौर पर राजधानी अंकारा और उसके आसपास के क्षेत्रों में यह झटके काफी जोरदार महसूस किए गए। लोग अपने-अपने घरों से बाहर भाग कर खुले स्थानों की ओर चले गए ताकि किसी तरह की चोट या नुकसान से बचा जा सके। हालांकि फिलहाल किसी भी जान-माल की बड़ी हानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन ने सभी से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर स्थानीय अधिकारियों के निर्देश मानने की अपील की है।

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तुर्की का भूकंप संवेदनशील इलाका

यह भूकंप तुर्की के लिए कोई नई बात नहीं है क्योंकि यह देश भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। पिछले साल फरवरी में भी तुर्की और उसके पड़ोसी देश सीरिया में भयंकर भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता 7.8 और 7.5 के बीच थी। इस भूकंप और उसके बाद आई कई आफ्टरशॉक्स के कारण हजारों लोग मारे गए थे और कई इमारतें भी ध्वस्त हो गई थीं। तब की इस तबाही को अभी तक लोग भूले नहीं हैं। इसलिए इस बार के झटकों ने फिर से लोगों के दिलों में डर बैठा दिया। प्रशासन ने लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और अपने घरों की सुरक्षा व्यवस्था जांचने के लिए कहा है।

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सोशल मीडिया पर भी भूकंप चर्चा में

तुर्की में आए इस भूकंप के झटके सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। भूकंप के साथ ही ‘बॉयकॉट’ शब्द भी ट्रेंड कर रहा था, जिससे कुछ लोगों का ध्यान भटक गया, लेकिन विशेषज्ञों ने कहा कि भूकंप और सोशल मीडिया ट्रेंड के बीच कोई संबंध नहीं है। भूकंप की तीव्रता मध्यम श्रेणी की मानी गई है, लेकिन इसका असर व्यापक महसूस किया गया। वैज्ञानिक संस्थान EMSC की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप की केंद्र बिंदु राजधानी अंकारा से लगभग 14 किलोमीटर दूर कुळु क्षेत्र के पास था। भूकंप के झटके तुर्की के अलावा पड़ोसी देशों जैसे ग्रीस, मिस्र, इजराइल, लेबनान और जॉर्डन तक महसूस किए गए।

पड़ोसी देशों में भी झटके महसूस किए गए

इस भूकंप की खबर तब आई है जब ग्रीस के पास भी हाल ही में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था। प्राकृतिक आपदाओं का यह दौर तुर्की और उसके आस-पास के देशों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे भूकंपों के लिए तैयार रहना बहुत जरूरी है क्योंकि ये झटके अचानक आ जाते हैं और बड़ा नुकसान कर सकते हैं। इसलिए सभी लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने और प्रशासन द्वारा जारी की गई सुरक्षा सलाह का पालन करना चाहिए। फिलहाल तुर्की प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है।

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