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भूकंप के भयानक झटकों से ईरान-जापान में फैली दहशत, रिक्टर स्केल पर 5-6 रही तीव्रता, घरों से बाहर निकले लोग

जापान और ईरान में आज सुबह भूकंप आया, जिसके झटके जबरदस्त तरीके से लगे. अचानक तेज कंपन महसूस होने से लोग डर गए और अपने घरों से बाहर निकल आए. भूकंप से किसी तरह के जान माल के नुकसान की खबर नहीं है.

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भूकंप के झटके लगते ही लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए. (Credit- AI)

जापान और ईरान में आज 1 नवंबर दिन रविवार की सुबह भूकंप आया है, जिसके तेज झटके महसूस किए गए. जापान में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6 मापी गई. वहीं ईरान में 5 की तीव्रता का भूकंप आया. जापान में आज सुबह 3 बजकर 45 मिनट पर भूकंप आया, जिसका केंद्र जापान के शिमा से 58 किलोमीटर दूर दक्षिण-दक्षिण पूर्व में था. भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है. गत 25 अक्टूबर को भी जापान में भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई था और जोरदार झटके लगे थे.

ईरान के बुशहर शहर में भूकंप से दहशत

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, जापान के अलावा आज ईरान के दक्षिणी इलाके में बुशहर शहर में भूकंप के तेज झटके लगे. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5 मापी गई. बुशहर शहर में ईरान का एकमात्र सक्रिय न्यूक्लियर प्लांट है. इसलिए भूकंप आने पर लीकेज का खतरा महसूस होने लगता है. भूकंप का केंद्र बुशहर शहर से 115 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में धरती के नीचे 10 किलोमीटर नीचे मिला. लेकिन गनीमत रही कि भूकंप से अब तक किसी की मौत होने या घायल होने की खबर नहीं है. लेकिन लोगों में डर का माहौल है और उन्होंने घंटों सड़क पर बिताएं.

जापान में इस साल कब-कब भूकंप आया?

जापान में इस साल कई बार भूकंप आए, जिन्होंने खूब दहशत फैलाई. जापान में यूं तो हर साल छोटे-बड़े हजारों भूकंप आते हैं, लेकिन इस साल सबसे बड़ा भूकंप 28 जुलाई 2026 को दक्षिणी जापान के कुमामोतो स्टेट में आया, जिसकी तीव्रता 7.1 रही. इस भूकंप से 38 लोगों की मौत हुई थी और 350 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. सुनामी का अलर्ट भी जारी हुआ था. इसके बाद 23 अगस्त 2026 को दक्षिण इबाराकी स्टेट में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके चलते टोक्यो में बिजली ठप हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे. 25 अक्टूबर 2026 को जापान के बोनिन द्वीपके पास 6.5 तीव्रता का भूकंप आया था. 29 अक्टूबर 2026 को टोक्यो से करीब 92 किलोमीटर दूर पूर्व चीबा स्टेट में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके तेज झटके राजधानी टोक्यो तक महसूस किए गए थे.

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खाड़ी देश ईरान में क्यों आते हैं भूकंप?

बता दें कि ईरान अरेबियन प्लेट और यूरेनियन प्लेट के ऊपर बसा है और अरेबियन प्लेट लगातार 2 से 3 सेंटीमीटर उत्तर-पूर्व की ओर खिसक रही हैं, जिस वजह से यूरेनियन प्लेट पर दबाव पड़ता है, जिस वजह से घर्षण होने के कारण निकलने वाली ऊर्जा भूकंप का कारण बनती है. जब प्लेटों पर तनाव और दबाव बढ़ने से चट्टानें टूटती हैं और धरती पर भूकंप के झटके महसूस होते हैं. इसके अलाव प्लेटों के टकराने से ईरान में फॉल्ट लाइन्स यानी दरारें बन चुकी हैं. जिनमें जाग्रोस और उत्तर तब्रीज फॉल्ट लाइन बड़ी हैं, जिसमें अकसर भूकंप आता है. इन्हीं फॉल्ट लाइन के कारण जाग्रोस और अलबोर्ज पर्वत श्रृंखलाएं बनी हैं.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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