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भूकंप से कांपी जापान की धरती, रिक्टर स्केल पर 6.3 रही तीव्रता, बोनिल आइलैंड में लगे जोरदार झटके

जापान में फिर भूकंप आया है, जिसके झटके जोरदार तरीके से लगे हैं. हालांकि भूकंप से किसी तरह के जान माल के नुकसान की खबर अभी नहीं आई है, लेकिन लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है.

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पिछले कई महीनों से जापान में लगातार भूकंप आ रहा है. Credit-AI)

जापान में फिर भूकंप आया है और बोनिन आइलैंड में जोरदार झटके लगे हैं, जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई. हालांकि भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है और न ही सुनामी आने की चेतावनी जारी की गई है. नाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप आज 25 अक्टूबर दिन रविवार की सुबह स्थानीय समय के अनुसार सुबह 11:09 बजे आया. वहीं भूकंप का केंद्र टोक्यो से 1000 किलोमीटर दूर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में बोनिन आइलैंड यानी ओगासावारा द्वीप समूह में 492 किलोमीटर की गहराई में मिला.

वानुआतु में आया था 7 की तीव्रता का भूकंप

बता दें कि बीते दिन सुबह करीब 8 बजकर एक मिनट पर वानुआतू द्वीप में रिक्टर स्केल पर 7.1 की तीव्रता का भूकंप आया था. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, वानुआतू दक्षिण प्रशांत महासागर में बसा द्वीपसमूह देश है. धरती की 7 प्लेट जब घूमते हुए एक दूसरे टकराती हैं तो जहां सभी का एक साथ टकराव होता है, उसे फॉल्ट लाइन कहते हैं. बार-बार आपस में टकराव से प्लेटें कोने से मुड़ती हैं और दबाव पड़ने पर टूटती हैं, जिससे अंदर की एनर्जी बाहर निकलती है और धरती तक भूकंप की तरंगों के रूप में पहुंचती हैं, जिनस कंपन पैदा होता और धरती हिलती.

10 महीने में जापान में कब-कब भूकंप आया?

बता दें कि जापान में पिछले 10 महीने में कई बार भूकंप आए और ज्यादातर की तीव्रता 7 से ज्यादा रिकॉर्ड हुई. साल 2026 में जापान में पहला भूकंप 16 जून को टोक्यो के पास इबाराकी के दक्षिणी हिस्से में आया था, जिसकी तीव्रता 5.5 थी. दूसरा भूकंप 24 जून को उत्तरी तट यानी इवाते के पूर्वी तट के आया था, जिसकी तीव्रता 7.2 रही थी. तीसरा 28 जुलाई को साउथ जापान के कुमामोतो में आया था, जिसकी तीव्रता 7.1 रही थी और इससे 38 लोगों की जान गई थी.

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चौथा 23 अगस्त को टोक्यो और कांटो में साउथ इबाराकी के पास आया था, जिसकी तीव्रता 5.9 थी और 38 लोग घायल हुए थे. 5वां भूकंप 29 सितंबर को इबाराकी और सैतामा में आया था, जिसकी तीव्रता 4.9 रिकॉर्ड हुई थी. छठा भूकंप 23-24 अक्टूबर की रात का इवाते तट और होक्काइडो के पास आया जा, जिनकी तीव्रता 5 से 5.1 रिकॉर्ड हुई. हालांकि इस साल भूकंप से किसी तरह का बहुत बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन कई बार सुनामी की चेतावनी जारी हुई और एहतियात के तौर पर तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित इलाकों में शिफ्ट किया गया.

4 प्लेटों और सबडक्शन जोन के कारण भूकंप आते

प्रशांत महासागर के चारों ओर बने ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ पर बसे होने के कारण जापान में भूकंप आते हैं और दुनिया के 90 प्रतिशत भूकंप इस रिंग ऑफ फायर एरिया में ही आते हैं, क्योंकि यहां पर टेक्टोनिक प्लेट्स पैसिफिक प्लेट, फिलीपीन सी प्लेट, यूरेशियन प्लेट, नॉर्थ अमेरिकन प्लेट आपस में मिलती हैं और जब यह चारों प्लेटें एक-दूसरे के ऊपर ओर नीचे खिसकती हैं, आपस में टकराती हैं तो जो ऊर्जा पैदा होती है, वह धरती की तरफ जाती है और कंपन पैदा करती है, जिसे भूकंप कहते हैं. वहीं जापान के सबडक्शन जोन भी है, जहां पैसिफिक प्लेट महाद्वीपीय प्लेटों के नीचे धंसती है तो भारी दबाव बनता है, जिससे सुनामी का खतरा भी बढ़ जाता है.

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    Know More: Editorial Guidelines

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    लेखक के बारे में

    Khushbu Goyal

    खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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