Drone Attack on Panama Flagged Oil Tanker: 9 अक्टूबर 2026 को यूएई के तट के पास पनामा के झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर पर ड्रोन हमला हुआ. हालांकि राहत की बात ये रही कि उस पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए. केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि अधिकारी क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जहाज के मैनेजमेंट के साथ तालमेल बिठा रहे हैं.
टैंकर पर हमले के बाद आग लगने की खबर
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) के मुताबिक MT GEM NO. 2 नाम के इस जहाज पर UAE तट के पास अल जजीरा एरिया से तकरीबन 13 नॉटिकल मील पश्चिम में किसी अज्ञात चीज से हमला हुआ. बताया गया कि इस हमले से जहाज पर आग लग गई, जिसे बाद में काबू में कर लिया गया. UKMTO से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, क्रू की हालत, नुकसान की सीमा और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर का अभी भी आकलन किया जा रहा था. बाद में शिपिंग और सुरक्षा से जुड़े दो सूत्रों ने जहाज की पहचान पनामा के झंडे वाले कच्चे तेल के सुपरटैंकर GEM NO. 2 के तौर पर की. इस घटना की जिम्मेदारी तुरंत किसी ग्रुप या शख्स ने नहीं ली. ये हमला स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज इलाके के बाहर हुआ.
सरकार जहाज के मैनेजमेंट के संपर्क में
सर्बानंद सोनोवाल ने इस बात पर राहत जताई कि सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रखने और जरूरी मदद देने के लिए जहाज की मैनेजमेंट कंपनी के संपर्क में है. घटना की जांच चल रही थी, जबकि टैंकर को हुए नुकसान के बारे में और जानकारी का इंतजार था.
ईरान ने जहाजों को नई चेतावनी जारी की
ये घटना खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच हुई है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर अनधिकृत रास्तों का इस्तेमाल करने वाले जहाजों के खिलाफ अपनी चेतावनी दोहराई है. ईरानी सेना ने चेतावनी दी कि तय नेविगेशन रास्तों का उल्लंघन करने वाले जहाजों का पीछा किया जा सकता है और उन्हें सजा दी जा सकती है. उसने समुद्री ऑपरेटरों को जलमार्ग से गुजरने से पहले पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी के साथ तालमेल बिठाने का निर्देश भी दिया.
ईरानी सेना ने चेतावनी दी कि तय नेविगेशन रास्तों का उल्लंघन करने वाले जहाजों का पीछा किया जा सकता है और उन्हें सजा दी जा सकती है. उसने समुद्री ऑपरेटरों को जलमार्ग से गुजरने से पहले पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी के साथ तालमेल बिठाने का निर्देश भी दिया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक अहम ग्लोबल एनर्जी कॉरिडोर बना हुआ है, जहां से बड़ी मात्रा में इंटरनेशनल ऑयल की ढुलाई होती है. इस इलाके में किसी भी तरह की रुकावट से एनर्जी सप्लाई और समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं.