चीन के लिए कभी तीखे बोल बोलने वाले ट्रंप ने क्यों बदले सुर? अब जिनपिंग का करेंगे भव्य स्वागत

चीन और अमेरिका के बीच अक्सर ट्रेड वॉर या दूसरे मुद्दे पर टकराव देखने को मिलता है, लेकिन अब डोनाल्ड ट्रंप खुद शी जिनपिंग के स्वागत में स्टेट डिनर ऑर्गेनाइज करने वाले हैं. आखिर यूएस के मौजूदा प्रेसिडेंट के सुर अचानक क्यों बदलने लगे?

Donald Trump and Xi Jinping PTI

डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग (Photo-PTI)

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Donald Trump-Xi Jinping Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस हफ्ते व्हाइट हाउस में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मेजबानी करने की तैयारी कर रहे हैं, जो वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच जटिल रिश्तों को दिखाता है. शी का ये दौरा ट्रंप की मई में चीन यात्रा के बाद हो रहा है, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया था. उम्मीद है कि ट्रंप वॉशिंगटन में शी के लिए एक स्टेट डिनर ऑर्गेनाइज करेंगे.

ट्रेड और AI बड़े मुद्दे

हालांकि डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच कुछ हद तक पर्सनल तालमेल रहा है, लेकिन उनके देश रणनीतिक रूप से एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी बने हुए हैं. ट्रंप ने पहले शी को ‘महान नेता’ कहा है और साथ ही अमेरिका-चीन रिशि के महत्व पर जोर दिया है.

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ट्रेड चर्चा का बड़ा मुद्दा हो सकता है. अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस के मुताबिक 2025 में अमेरिका का चीन के साथ व्यापार घाटा 202.1 अरब डॉलर रहा. चीन अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक बना हुआ है. AI कॉम्पिटिशन का एक और उभरता हुआ क्षेत्र है. ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास पर जोर दिया है, साथ ही इस बात पर चिंता जताई है कि चीन को इस तकनीक में बढ़त मिल सकती है.

ताइवान और सुरक्षा विवाद

ताइवान वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच सबसे सेंसेटिव मुद्दों में से एक बना हुआ है. चीन ताइवान पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है, जबकि अमेरिका ताइपे के साथ करीबी अनौपचारिक रिश्ते बनाए हुए है और रक्षात्मक सैन्य इक्यूपमेंट अवेलेबल कराना जारी रखे हुए है. दोनों सरकारों के बीच साइबर सिक्योरिटी और अमेरिकी चुनावों में चीन के कथित दखल को लेकर भी मतभेद हैं. ट्रंप ने 2020 के चुनाव में चीन की कथित भागीदारी के बारे में दावे किए हैं, जिन आरोपों को बीजिंग ने खारिज कर दिया है. इसके अलावा, वॉशिंगटन ने ईरान के साथ चीन के रिश्तों पर भी चिंता जताई है, जिसमें हथियारों और खुफिया जानकारी से जुड़ी कथित मदद शामिल है.

रिश्ते भी, कॉम्पिटिशन भी

अमेरिका-चीन संबंध गहरे आर्थिक जुड़ाव से आगे बढ़कर डीप स्ट्रैटेजिक कॉम्पिटिशन की ओर बढ़े हैं, जिसमें ट्रेड, तकनीक, सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभाव शामिल हैं. फिर भी, अपने व्यापक आर्थिक संबंधों के कारण दोनों देश राजनयिक बातचीत जारी रखे हुए हैं. इसलिए व्हाइट हाउस में होने वाली आगामी बैठक कई पुराने विवादों को फिर से चर्चा में लाएगी, जिसमें व्यापार, AI और ताइवान मुख्य विषय हो सकते हैं. ट्रंप का इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क जाने का भी कार्यक्रम है, जहां उनके वर्ल्ड लीडर्स को अड्रेस करने की उम्मीद है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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