शाही स्वागत, मुस्कुराते फेस, पर रिजल्ट जीरो... डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की 'महामुलाकात' से क्या निकला निचोड़?

राष्ट्रपति ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई और स्टेट डिनर में भी दोनों का एक दूसरे से रवैया गर्मजोशी भरा रहा, मानो कोई तनाव न हो. लेकिन बेशक दोनों राष्ट्राध्यक्ष हंसते-मुस्कुराते रहे, लेकिन जब दोनों की आपस में बातचीत हुई तो कई मुद्दे अनसुलझे रह गए.

Donald Trump | Xi Jinping | US China Relations

चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग 3 दिन के दौरे पर अमेरिका आए हैं. (Credit- X/WhiteHouse)

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चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग अमेरिका के 3 दिवसीय दौरे पर हैं, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. राष्ट्रपति ट्रंप प्रोटोकॉल तोड़कर जिनपिंग दंपति का स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचे, जिसके बाद उनके सम्मान में व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर भी होस्ट किया गया. इसमें एलन मस्क समेत दुनियाभर के अरबपति, पॉलिटिशियन और टेक इंडस्ट्री के दिग्गज नजर आए. स्टेट डिनर के बाद जिनपिंग दंपति को पूरा व्हाइट हाउस दिखाया गया. इस दौरान वे दोनों एक दूसरे के साथ गर्मजोशी भरा व्यवहार कर रहे थे, लेकिन दोनों की द्विपक्षीय बातचीत औपचारिकताओं से भरी रही.

व्यापार युद्धविराम को 10 जनवरी तक बढ़ाया गया

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका चीन व्यापार, ताइवान विवाद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रणनीतिक तनावों पर बातचीत के लिए शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की व्हाइट हाउस में मेजबानी की. बातचीत करक दोनों देशों ने व्यापार युद्धविराम को 10 जनवरी तक बढ़ा दिया, लेकिन सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी और क्षेत्रीय मुद्दों पर विवाद अनसुलझे रह गए. शाही स्वागत समारोह, स्टेट डिनर के भव्य आयोजन के पीछे दोनों नेताओं ने दुनिया की 2 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव का कारण बने मुद्दों को सुलझाने में रुचि नहीं दिखाई. बल्कि जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच रेसलिंग नहीं रेस होनी चाहिए.

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10 साल में पहली और इस साल दूसरी मुलाकात

जिनपिंग ने ट्रंप से जहां ताइवान की स्वतंत्रता का विरोध करने का आग्रह किया, वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आपसी सहयोग बढ़ाने का आह्वान भी किया. पिछले 10 साल में पहली बार जिनपिंग अमेरिका की यात्रा पर आए और इस साल दोनों राष्ट्राध्यक्षों की दूसरी मुलाकात हो रही है. वैश्विक व्यापार को लेकर टकराव के बाद संबंधों को स्थिर करने के लिए दोनों देशों ने महीनों प्रयास किए, जिसके बाद यह बैठक हुई. इससे पहले दोनों देश एक दूसरे पर टैरिफ और प्रतिबंध लगा रहे थे, लेकिन दोनों ने व्यापारिक युद्धविराम को बढ़ाने पर सहमति जताई, लेकिन टैरिफ, दुर्लभ खनिजों को लेकर मतभेद अनसुलझे रहे.

ताइवान के मुद्दे पर दोनों में मतभेद नजर आया

ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात में चर्चा का सबसे संवेदनशील मुद्दा ताइवान का था. जिनपिंग ने ट्रंप से ताइवान की स्वतंत्रता का विरोध करने का आग्रह किया तो ट्रंप ने उनसे ताइवान के मुद्दे को कूटनीति के आधार पर संभालनेकी अपील की. चीन ताइवान को अपने देश का हिस्सा बताता है, उसे अपने देश में शामिल करने के लिए अकसर बल प्रयोग करता है. ट्रंप ने मई में चीन की यात्रा के बाद कहा था कि वह ताइवान के लिए 14 अरब डॉलर के हथियार भेजने पर फिलहाल रोक रहे हैं, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ताइवान की आजादी के विरोधी नहीं हैं. वहीं ताइवान पर हुई बातचीत पर दोनों ने मीडिया में कोई बयान जारी नहीं किया.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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