चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग अमेरिका के 3 दिवसीय दौरे पर हैं, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. राष्ट्रपति ट्रंप प्रोटोकॉल तोड़कर जिनपिंग दंपति का स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचे, जिसके बाद उनके सम्मान में व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर भी होस्ट किया गया. इसमें एलन मस्क समेत दुनियाभर के अरबपति, पॉलिटिशियन और टेक इंडस्ट्री के दिग्गज नजर आए. स्टेट डिनर के बाद जिनपिंग दंपति को पूरा व्हाइट हाउस दिखाया गया. इस दौरान वे दोनों एक दूसरे के साथ गर्मजोशी भरा व्यवहार कर रहे थे, लेकिन दोनों की द्विपक्षीय बातचीत औपचारिकताओं से भरी रही.
व्यापार युद्धविराम को 10 जनवरी तक बढ़ाया गया
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका चीन व्यापार, ताइवान विवाद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रणनीतिक तनावों पर बातचीत के लिए शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की व्हाइट हाउस में मेजबानी की. बातचीत करक दोनों देशों ने व्यापार युद्धविराम को 10 जनवरी तक बढ़ा दिया, लेकिन सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी और क्षेत्रीय मुद्दों पर विवाद अनसुलझे रह गए. शाही स्वागत समारोह, स्टेट डिनर के भव्य आयोजन के पीछे दोनों नेताओं ने दुनिया की 2 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव का कारण बने मुद्दों को सुलझाने में रुचि नहीं दिखाई. बल्कि जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच रेसलिंग नहीं रेस होनी चाहिए.
10 साल में पहली और इस साल दूसरी मुलाकात
जिनपिंग ने ट्रंप से जहां ताइवान की स्वतंत्रता का विरोध करने का आग्रह किया, वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आपसी सहयोग बढ़ाने का आह्वान भी किया. पिछले 10 साल में पहली बार जिनपिंग अमेरिका की यात्रा पर आए और इस साल दोनों राष्ट्राध्यक्षों की दूसरी मुलाकात हो रही है. वैश्विक व्यापार को लेकर टकराव के बाद संबंधों को स्थिर करने के लिए दोनों देशों ने महीनों प्रयास किए, जिसके बाद यह बैठक हुई. इससे पहले दोनों देश एक दूसरे पर टैरिफ और प्रतिबंध लगा रहे थे, लेकिन दोनों ने व्यापारिक युद्धविराम को बढ़ाने पर सहमति जताई, लेकिन टैरिफ, दुर्लभ खनिजों को लेकर मतभेद अनसुलझे रहे.
ताइवान के मुद्दे पर दोनों में मतभेद नजर आया
ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात में चर्चा का सबसे संवेदनशील मुद्दा ताइवान का था. जिनपिंग ने ट्रंप से ताइवान की स्वतंत्रता का विरोध करने का आग्रह किया तो ट्रंप ने उनसे ताइवान के मुद्दे को कूटनीति के आधार पर संभालनेकी अपील की. चीन ताइवान को अपने देश का हिस्सा बताता है, उसे अपने देश में शामिल करने के लिए अकसर बल प्रयोग करता है. ट्रंप ने मई में चीन की यात्रा के बाद कहा था कि वह ताइवान के लिए 14 अरब डॉलर के हथियार भेजने पर फिलहाल रोक रहे हैं, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ताइवान की आजादी के विरोधी नहीं हैं. वहीं ताइवान पर हुई बातचीत पर दोनों ने मीडिया में कोई बयान जारी नहीं किया.