हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर डोनाल्ड ट्रंप अपने दो दिन पहले दिए बयान से पलटे. दो दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि जो देश तेल के लिए इस समुद्री रास्ते पर निर्भर हैं, उन्हें अब इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठानी चाहिए. अब ट्रंप ने पोस्ट में लिखा-थोड़ा और समय दीजिए, हम हॉर्मुज को आसानी से खोल देंगे. मात्र 48 घंटों के भीतर ट्रंप ने इस वैश्विक संकट पर अपना स्टैंड पूरी तरह बदल लिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार और सहयोगी देश हैरान हैं. ट्रंप के इन बदलते बयानों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर दिख रहा है. बुधवार के बयान के बाद जहां निवेशकों को लगा कि अमेरिका पीछे हट रहा है, वहीं शुक्रवार की पोस्ट ने फिर से तनाव बढ़ा दिया है.
दो दिन पहले का बयान: "बाकी देश खुद रक्षा करें"
दो दिन पहले एक संबोधन में ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि अमेरिका अब हॉर्मुज की चौकीदारी नहीं करेगा. उन्होंने तर्क दिया था कि अमेरिका अब खुद तेल का बड़ा उत्पादक है और उसे इस रास्ते की ज़रूरत नहीं है. ट्रंप ने चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों को दो टूक कहा था, "जो देश तेल के लिए इस रास्ते पर निर्भर हैं, वे खुद इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाएं और अपना साहस दिखाएं. हम आखिर कब तक दूसरों के लिए पहरेदारी करेंगे?
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अब नया दावा: "थोड़ा समय दें, आसानी से खोल देंगे"
शुक्रवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक नई पोस्ट के जरिए सबको चौंका दिया. उन्होंने लिखा, "थोड़ा और समय दीजिए, हम हॉर्मुज को आसानी से खोल देंगे, तेल पर कब्जा करेंगे और खूब मुनाफा बनाएंगे." इस पोस्ट ने संकेत दिया है कि अमेरिका इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण करने की योजना बना रहा है.
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क्या है हॉर्मुज का महत्व?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'ऑयल चोकपॉइंट' है. दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है. ईरान के साथ जारी संघर्ष के कारण वर्तमान में यह रास्ता लगभग बंद है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें $100 के पार पहुंच गई हैं.