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ट्रंप ने ठुकराया ईरान से वार्ता का प्रस्ताव, जेडी वेंस ने भेजी थी तेहरान को चिट्ठी, जानें क्या है US प्रेसिडेंट की योजना?

ईरान ने 7 शर्तों के साथ अमेरिका से शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा था, लेकिन अमेरिका ने शर्तें मानने से इनकार कर दिया. अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को लेटर लिखकर शांति वार्ता के रास्ते के बारे में पूछा, लेकिन ट्रंप ने वार्ता की संभावनाओं से इनकार कर दिया है.

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अमेरिका की योजना मिडटर्म इलेक्शन के बाद ईरान पर हमले की है. (Credit-ANI)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता से इनकार कर दिया है. दरअसल अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के कट्टरपंथी नेता मोहसिन रेजाई से संपर्क किया था और शांति वार्ता के लिए लेटर भेजा था, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप यह कहकर शांति वार्ता की अटकलों को खारिज कर दिया कि लेटर ईरान के साथ बातचीत करने के लिए नहीं, बल्कि दवाइयों की सप्लाई को लेकर भेजा गया है. जबकि वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट कहती हैं कि वेंस ने रेजाई को लेटर भेजकर यह जानने का प्रयास किया है कि क्या अमेरिका और ईरान में शांति वार्ता का कोई नया रास्ता निकल सकता है या नहीं?

ट्रंप का शांति वार्ता के लिए लेटर भेजने से इनकार

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, जेडी वेंस ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई को एक लेटर लिखा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर वेंस ने रेजाई को लेटर भेजा है. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए लेटर भेजने के दावों से इनकार किया है और कहा है कि उन्होंने उपराष्ट्रपति वेंस को ईरान के साथ शांति वार्ता शुरू करने का निर्देश नहीं दिया है. ईरान को मेडिकल हेल्प चाहिए और उसे लोगों के उपचार के लिए दवाओं की जरूरत है. इस बारे में आधिकारिक रूप से बात करने और दवाओं की सप्लाई के बारे में पूछने के लिए ईरान को लेटर लिखा गया है.

चुनाव के बाद ईरान पर फिर हमले करने की तैयारी

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नवंबर में मिडटर्म इलेक्शन के बाद ईरान पर मिलिट्री अटैक करने के योजना बनाई है और सेना को तैयारी के आदेश दिए हुए हैं. योजना के अनुसार, मिडिल ईस्ट में 3 विशालकाय युद्धपोतों के साथ हजारों सैनिक तैनात किए जा चुके हैं. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जेडी वेंस यह पता लगाने की कोशिश में हैं कि क्या कूटनीति से सैन्य संघर्ष शुरू होने से रोका या टाला जा सकता है? हालांकि पिछले सप्ताह मोहसिन रेजाई ने ही कहा था कि जब तक अमेरिका की ट्रंप सरकार ईरान की मांगें पूरी नहीं करती, तब तक तेहरान बातचीत नहीं करेगा. लेकिन जेडी वेंस का लेटर कुछ और ही संकेत है.

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शांति वार्ता की एक कोशिश पहले हो चुकी नाकाम

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जेडी वेंस ईरान से युद्ध का समर्थन करते हैं, लेकिन वे युद्ध को लंबा खींचने के समर्थन में नहीं हैं और अकसर इसे लेकर चिंता जताते हैं. फरवरी 2026 में राष्ट्रपति ट्रंप के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू करने से पहले जेडी वेंस ने कूटनीति की वकालत की थी और राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें प्रमुख वार्ताकार नियुक्त करके ईरान से समझौता करने की जिम्मेदारी भी सौंपी थी. इसके बाद वेंस ईरानी प्रतिनिधियों से बातचीत करने के लिए 2 बार पाकिस्तान भी गए. इसके बाद जून 2026 में दोनों पक्षों के बीच समझौता ज्ञापन हुआ था, लेकिन इस पर हस्ताक्षर करने के 15 दिन बाद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर यह टूट गया.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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