अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में हुए घटनाक्रम को लेकर बड़ा चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने घटनाक्रम को आतंकी हमले की साजिश बताया है, जो नाकाम हो गई. इसके लिए ट्रंप ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया है. राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हाईजैक कराकर इजरायल में आतंकी हमला कराने की साजिश ईरान ने रची थी, लेकिन भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने बहादुरी दिखाते हुए उस साजिश को नाकाम कर दिया. ईरान के कहने पर ही ओमानी को-पायलट ने पायलट पर हमला करके प्लेन के हाईजैक करने का प्रयास किया. अगर वह हाईजैकिंग में कामयाब होता तो इजरायल में 9/11 जैसा आतंकी हमला होता.
ईरान को साजिश का अंजाम भुगतने की धमकी
व्हाइट हाउस परिसर में मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हां मुझे ऐसा लगता है और मानता हूं कि ईरान ने इजरायल में आतंकी हमला कराने की साजिश रची थी. अब से पहले दिए गए एक बयान में भी ट्रंप ने कहा था कि अगर फ्लाईदुबई फ्लाइट हादसे के पीछे ईरान का हाथ हुआ तो उसे अपने किए का अंजाम भुगतना होगा. ईरान पहले से हमारी हिट लिस्ट में है और अगर ईरान ने आतंकी हमला कराने की साजिश रची है तो अमेरिका धरती से ईरान का नामोनिशां ही मिटा देगा. बता दें कि ट्रंप सरकार ने मिडिल ईस्ट में 9000 नौसेनिक और मरीन तैनात कर दिए हैं और 3 विशाल युद्धपोत भी भेज दिए हैं, क्योंकि अमेरिका ने नवंबर में मिडटर्म इलेक्शन के बाद ईरान पर फिर से हमला करने की तैयारी की है.
उपराष्ट्रपति वेंस का को-पायलट को लेकर बयान
बता दें कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को प्रॉब्लम बताते हुए एक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जब कट्टरपंथी विचारधारा के कारण 2 देशों की एयरलाइंस को-पायलट को बैन कर चुकी थीं तो फ्लाईदुबई एयरलाइंस ने उसे प्लेन उड़ाने की इजाजत क्यों दी? ओमान के विमान अधिकारियों ने भी हम्मामी के व्यवहार पर चिंता जताते हुए उसे फ्लाई ड्यूटी से हटा दिया था. इस बारे में पता होने के बावजूद फ्लाईदुबई ने उसे नौकरी पर रखा और इजरायल रूट पर उड़ानों की जिम्मेदारी सौंपी. जबकि पहले से अंदेशा था कि वह शख्स मुसीबत बन सकता है. एविएशन इंडस्ट्री का रूल है कि अगर कोई पायलट या क्रू मेंबर संदिग्ध हो तो उसे फ्लाई नहीं करने दिया जाएगा.
को-पायलट की थी प्लेन हाईजैक करने की कोशिश
बता दें कि 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाई को हाईजैक करने का प्रयास किया गया था. इसके लिए फ्लाइट के को-पायलट हम्माम-अल-हम्मामी ने पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया और प्लेन को अपने कंट्रोल में लेकर इजरायल की किसी बिल्डिंग से टक्कर मारने की कोशिश की. इस घटना के चलते ATC को 7400 इमरजेंसी अलर्ट कोड मिला और सऊदी अरब के साथ इजरायल की वायुसेना एक्टिव हो गई. लेकिन तब तक विमान करीब 16000 फीट नीचे जा चुका था. इस बीच घायल कैप्टन ने बहादुरी दिखाते हुए कॉकपिट के दरवाजे को खोल दिया और यात्रियों ने हमलावर को काबू करके नीचे गिरते विमान को कंट्रोल किया, जिससे 174 लोगों की जान बची.
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