दुनिया के इस देश में हर साल आते हैं 1000 भूकंप, दो काफी मचाते तबाही

छोटे-बड़े सभी भूकंपों की बात करें तो हर साल जापान में तकरीबन एक हजार भूकंप आते हैं, इनमें से सिर्फ एक या दो ऐसे होते हैं जो तीव्र होते हैं, हालांकि भूकंप का जापान से क्या कनेक्शन है और क्यों यहां आने वाला भूकंप इतना खतरनाक हो जाता है। आइए समझते हैं विस्तार से

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नए साल के पहले दिन जापान में जो भूकंप आया वो 7.6 मैग्नीट्यूड का था। यह बहुत ही खतरनाक माना जाता है। यदि नेशनल भूकंप सेंटर के आंकड़ों की मानें तो हर साल दुनिया में तकरीबन 20 हजार भूकंप आते हैं, इनमें से 100 ऐसे होते हैं जो नुकसान पहुंचाते हैं। इनमें से 1 या दो तबाही लाने वाले हो सकते हैं। अर्थक्वेक ट्रैक एजेंसी के मुताबिक, हिमालयन बेल्ट की फॉल्ट लाइन की वजह से एशियाई इलाके में ज्यादा भूकंप आ रहे हैं। हिमालयन फॉल्ट लाइन पर भारत सरकार की मदद से अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक स्टडी की थी।

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ये स्टडी को यूएस जर्नल लिथोस्फीयर और जेजीआर में छपी थी। स्टडी के मुताबिक हिमालय कुछ सेंटीमीटर के हिसाब से उत्तर में खिसक रहा है। स्टडी को लीड कर चुके सीपी राजेंद्रन के मुताबिक हिमालय 700 साल पुरानी फॉल्ट लाइन पर मौजूद है। ये फॉल्ट लाइन ऐसी जगह पर पहुंच चुकी है, जिसकी वजह से कभी भी ऐसा भूकंप आएगा, जो पिछले 500 साल में नहीं देखा गया हो।

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सबसे ज्यादा भूकंप जापान में ही क्यों?

जापान एक ऐसा देश जहां भूकंप और सुनामी की घटनाएं किसी भी देश की तुलना में सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। जापान हर साल करीब 2000 बार भूकंप के झटके महसूस करता है इसके अलावा यहां हर साल कम से कम एक बार सुनामी भी देखने को मिलती है आकड़ों के मुताबिक दुनिया भर में रेक्टर स्कील पर या इससे ज्यादा की तीव्रता वाली भूकंप में से 20 सिर्फ और सिर्फ जवान में आते हैं अब सवाल ये है कि सबसे ज्यादा भूकंप जापान में ही क्यों आते हैं।

जापान की भौगोलिक स्थिति जिम्मेदार

जानकार मानते हैं कि इसके लिए जापान की भौगोलिक स्थिति जिम्मेदार है जापान एक ऐसा आइलैंड है जो प्रशांत महासागर में चारों तरफ से पानी से घिरा है लेकिन बार-बार भूकंप की सबसे बड़ी वजह ये है कि जापान पैसिफिक रिंग ऑफ फायर का भी हिस्सा है। रिंग ऑफ फायर एक ऐसी आकृति है जो घोड़े के नाल जैसी दिखती है इसे उन बिंदुओं का समूह भी कह सकते हैं। जो सबसे ज्यादा भूकंप और सुनामी की मार झेलते हैं दुनिया के ज्यादातर भूकंप और सुनामी इसी रिंग ऑफ फायर के अंदर आते हैं।

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2011 में सुनामी से तबाही, 2024 में सुनामी का अलर्ट

जबरद्स्त भूकंप के साथ जापान में सुनामी का अलर्ट तो जारी कर दिया गया। जिसके बाद हर तरफ सिर्फ दहशत का माहौल है। ठीक वैसी ही दहशत जैसे जापान 2011 में देख चुका है। जब सुनामी ने जापान में भीषण तबाही मचाई थी, वही कड़वी यादें आज फिर जापान के लोगों के जहन में जिंदा हो गई है,जिससे उबरने में जापान को कई साल लग गए और अब 7.6 की तीव्रता वाले भूकंप के बाद एक बार फिर जापान में भुकंप का अलर्ट जारी किया है।

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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