भयंकर चक्रवाती तूफान की दस्तक! साइक्लोन Alfred क्वींसलैंड से टकराएगा, 140KM स्पीड वाली हवाएं चलेंगी

South Pacific Ocean Cyclone Alfred: प्रशांत महासागर में एक साथ 3 चक्रवाती तूफान उठे हैं, जो तबाही मचाने को तैयार हैं। एक तूफान अल्फ्रेड इस सप्ताह क्वींसलैंड में समुद्र तट से टकराएगा। बाकी 2 तूफान भी फिजी और वानुआतु द्वीप को प्रभावित कर रहे हैं। आइए इन तूफानों के बारे में जानते हैं…

South Pacific Ocean Cyclone Alfred

प्रशांत महासागर में एक साथ 2 तूफान सक्रिय हैं।

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Cyclone Alfred Landfall Update: दक्षिण प्रशांत महासागर में 3 चक्रवाती तूफान रेई, सेरू और अल्फ्रेड एक्टिव हो रहे हैं, जो फिजी, ऑस्ट्रेलिया और वानुआतु में लैंडफॉल कर चुके हैं। मौसम वैज्ञानिक इन तीनों तूफानों पर नजर रखे हुए हैं। दक्षिण प्रशांत महासागर में उठने वाले तूफानों को ‘चक्रवात’ और अटलांटिक महासागर में उठने वाले तूफानों को ‘हरिकेन’ कहते हैं।

इस बार प्रशांत महासागर में एक साथ 3 तूफान एक्टिव हैं। इससे पहले जनवरी 2021 में लुकास, एना और बीना नामक 3 तूफान एक्टिव हुए थे। रेई तूफान फिजी के समुद्र तट से टकराया था। सेरू तूफान वानुआतु द्वीप के पास एक्टिव है, लेकिन समुद्र तट से नहीं टकराया है। वहीं अल्फ्रेड तूफान ऑस्ट्रेलिया के पास एक्टिव है, जिसके इस सप्ताह समुद्र तट से टकराने की आशंका है।

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तूफानी हवाओं और भारी बारिश का अलर्ट

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, उष्णकटिबंधीय चक्रवाती तूफान अल्फ्रेड ऑस्ट्रेलिया के समुद्र तट से टकराने के बाद इस सप्ताह के अंत में दक्षिणी क्वींसलैंड तट की ओर बढ़ सकता है। मौसम विज्ञान ब्यूरो ने कहा कि क्वींसलैंड आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में बताया गया कि क्वींसलैंड तट पर मंडरा रहा उष्णकटिबंधीय चक्रवात अल्फ्रेड इस सप्ताह के अंत में राज्य के दक्षिण-पूर्व की ओर मुड़ सकता है। इससे ब्रिसबेन के पास गुरुवार को भूस्खलन होने की संभावना है।

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धीमी गति से चलने वाला उष्णकटिबंधीय चक्रवाती तूफान ब्रिस्बेन के निकट घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों से टकरा सकता है। रविवार को दक्षिण में जाने के बाद मंगलवार को तूफान पश्चिम की ओर मुड़ जाएगा और कैटेगरी-2 का साइक्लोन बनकर साउथ क्वींसलैंड तट की ओर वापस जाएगा और फिर ब्रिसबेन की ओर बढ़ेगा। इससे जहां करीब 7 फीट ऊंची समुद्री लहरें उठेंगी, वहीं करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी, जिससे बाढ़ आने की आशंका है।

 

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अब से पहले कई तूफान आ चुके क्वींसलैंड

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिस्बेन के पास पिछली बार चक्रवाती तूफान साल 1990 में आया था। उष्णकटिबंधीय चक्रवाती तूफान नैन्सी क्वींसलैंड की राजधानी की ओर बढ़ा था और समुद्र तट से कुछ दूर दक्षिण की ओर मुड़ गया था। हालांकि यह तूफान जमीन पर नहीं पहुंचा था, लेकिन समुद्र में इस तूफान का रौद्र रूप देखने को मिला था।

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साल 1974 में उष्णकटिबंधीय चक्रवाती तूफान वांडा के’गारी और हार्वे बे के पास समुद्र तट को पार कर गया था, जिस वजह से ब्रिसबेन में भयंकर बाढ़ आई थी। इससे पहले 1954 में उष्णकटिबंधीय चक्रवाती तूफान ट्वीड हेड्स के पास तट को पार कर गया था। उष्णकटिबंधीय चक्रवाती तूफानों का मकर रेखा के उत्तरी तट को पार करना और विनाशकारी तूफ़ान बनकर दक्षिण-पूर्व की ओर ज़मीन के रास्ते लौटना आम बात है। 2017 में चक्रवाती तफान डेबी के साथ ऐसा ही हुआ था।

 

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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