पाकिस्तान के इस्लामाबाद में जारी US और ईरान की शांति वार्ता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट किया. पाकिस्तान की मध्यस्थता में हो रही ये बातचीत 2 सप्ताह के नाजुक सीजफायर के बीच हो रही है. संघर्ष अब दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है. वहीं, अपने पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने संघर्ष-ग्रस्त होर्मुज स्ट्रेट को "साफ करना" शुरू कर दिया है.
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य बलों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को साफ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के सभी 28 माइन ड्रॉपर जहाजों को डुबो दिया गया है और वे अब समुद्र की तलहटी में पड़े हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, साथ ही उसके बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को भी गंभीर क्षति पहुंचाई है.
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ट्रंप ने साथा चीन-जापान और अन्य देशों पर निशाना
उन्होंने इस कथित कदम को उन देशों पर एक एहसान के तौर पर पेश किया जिनमें अमेरिका के कई सहयोगी देश भी शामिल हैं और कहा कि उन देशों में 'यह काम खुद करने का साहस या इच्छाशक्ति नहीं थी.'
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ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा, 'हम अब दुनिया भर के देशों जिनमें चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस, जर्मनी और कई अन्य देश शामिल हैं—पर एक एहसान के तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को साफ करने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं. हैरानी की बात है कि उनमें यह काम खुद करने का न तो साहस है और न ही इच्छाशक्ति.'
उनकी नौसेन, वायुसेना सब खत्म हो चुका है- ट्रंप
उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से नष्ट कर देने के अपने पुराने दावों को भी दोहराते हुए कहा, 'उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है, उनका विमान-रोधी तंत्र अब अस्तित्व में ही नहीं है, रडार बेकार हो चुके हैं; उनकी मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्रियों को, साथ ही खुद मिसाइलों और ड्रोनों को भी बड़े पैमाने पर नष्ट कर दिया गया है.'
ट्रंप के बार-बार के दावों के बावजूद, पिछले कुछ हफ्तों से जहाजों पर ईरानी हमलों के डर ने होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद कर दिया है. यह एक बेहद अहम रास्ता है, जिससे दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति का आवागमन होता है.
इन रणनीतिक जलमार्गों के बाधित होने से दुनिया भर के ऊर्जा बाजार अस्त-व्यस्त हो गए हैं.
ट्रंप का यह पोस्ट इस्लामाबाद में पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुई तीन-पक्षीय वार्ता के बीच आया, जिसका उद्देश्य ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करना है.
कौन-कौन हुआ वार्ता में शामिल?
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के सूत्रों के अनुसार, ये बातचीत आमने-सामने हुई, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर तथा ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हुए. अराघची के साथ ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद-बाघेर गालिबफ भी इस अहम वार्ता का हिस्सा थे.
इसके अलावा उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर भी वहां मौजूद थे.
ईरान ने दी धमकी
अमेरिका का दावा है कि अमेरिकी नौसेना के कई जहाज शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट को पार कर गए, जो ईरान के साथ तालमेल के बिना उठाया गया कदम था. एक्सिओस ने एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी के हवाले से यह खबर दी. खबर में कहा गया कि संघर्ष शुरू होने के बाद यह पहली बार हुआ है जब ऐसा कदम उठाया गया है. हालांकि, ईरान अमेरिकी मीडिया के इस दावे से इससे इनकार कर रहा है.
ईरानी स्टेट टेलीविजन ने शनिवार को अमेरिकी सैन्य जहाज को 30 मिनट के अंदर हमला करने की चेतावनी दी. रिपोर्ट के मुताबिक, कई अमेरिकी नौसेना के जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार करने की कोशिश कर रहे हैं, जो संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार हुआ. ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसी फार्स के अनुसार, एक अमेरिकी डिस्ट्रॉयर फुजैरा से जलमार्ग की ओर बढ़ा, जिस पर ईरान ने नजर रखी और पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए चेतावनी भेजी. इसके बाद अमेरिकी जहाज वापस लौट गया.