Chinese Vice President Han Zheng In UNGA: संयुक्त राष्ट्र महासभा में चीन ने खाड़ी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान करने की बात कही और एक ऐसे देश से (जिसका नाम नहीं लिया गया) क्यूबा को धमकाना बंद करने और आइलैंड पर लगे सैंक्शंस को हटाने को कहा. ये बातें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका विजिट और यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात के ठीक बाद कही गईं.
चीन को मिडिल ईस्ट की फिक्र
चीन के वाइस प्रेसिडेंट हान झेंग ने कहा कि बड़ी ताकतों की यह जिम्मेदारी है कि वे अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखें और इंटरनेशनल रूल्स को फॉलो करें. हान ने कहा कि चीन का मानना है कि मिडिल ईस्ट के देशों, जिनमें खाड़ी देश भी शामिल हैं, उनकी संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने अपनी बात में सीधे तौर पर अमेरिका का नाम नहीं लिया और इशारों-इशारों में ईरान को सपोर्ट कर दिया.
ये कमेंट ईरान और पूरे वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच की गईं. इस टकराव का असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाले जहाजों के मूवमेंट पर पड़ा है और गल्फ कंट्रीज में सिक्योरिटी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. हान की ये बातें वाशिंगटन में हाल ही में हुई ट्रंप-शी की मुलाकात के बाद सामने आईं. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने चीन को ईरान का सपोर्ट न करने की चेतावनी दी, जबकि बीजिंग ने भरोसा दिलाया कि वो ऐसा नहीं करेगा.
अमेरिका का नाम लेने से परहेज
हान झेंग ने क्यूबा के प्रति अमेरिकी नीति पर भी बात की और ‘उस देश’ (जिसका नाम नहीं लिया गया) से बल प्रयोग की धमकी बंद करने और हवाना पर लगाई गई नाकेबंदी और प्रतिबंध हटाने को कहा. उनका ये कमेंट ऐसे समय में आया जब क्यूबा गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, तेल की आपूर्ति पर दबाव के कारण बिजली की कमी और बढ़ गई है, जिससे देश के पुराने हो चुके बिजली ढांचे पर एक्सट्रा बोझ पड़ा है.
यूनाइटेड नेशंस में क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध के मुद्दे पर भी बार-बार चर्चा हुई है, जहां सदस्य देशों ने इकॉनमिक, कमर्शियल और फाइनेंशियल सैंक्शंस को खत्म करने की मांगों पर बहस की है. इसलिए 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में चीन के दखल में खाड़ी की सुरक्षा और क्यूबा, दोनों मुद्दों पर बात की गई, जबकि अमेरिका का नाम सीधे तौर पर लेने से बचा गया.