चीन जल्द ही भारत और अमेरिका जैसे देशों में अपने AI के इस्तेमाल पर रोक लगा सकता है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन अपने एडवांस एआई मॉडल्ल के देश के बाहर खासकर भारत और अमेरिका जैसे देशों के डेवलपर्स के लिए बैन या सीमित करने की तैयारी में है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि बीजिंग अपने एआई को जरूरी और रणनीतिक संपत्ति मानने लगा है और इसका असर उन हजारों कंपनियों पर पड़ेगा जो कम बजट के चलते चीनी एआई मॉडल्स का इस्तेमाल कर रहे थे.
क्यों AI को सीमित कर रहा है चीन?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने चीन की दिग्गज टेक कंपनियों जैसे कि अलीबाबा, बाइटडांस और Z.ai के साथ भी बैठक की है. इस बैठक का मकसद क्लोज्ड-सोर्स एआई सिस्टम के विदेशी इस्तेमाल पर रोक लगाना था.
भारत पर क्या होगा इसका असर?
ये बात तो सभी जानते हैं कि चीनी AI मॉडल्स अमेरिकी AI मॉडल्स जैसे कि OpenAI या Anthropic के मुकाबले 60-90 फीसदी तक सस्ते हैं. चीन अगर भारत के लिए इन मॉडल्स पर रोक लगाता है, तो स्टार्टअप्स और डेवलपर्स के लिए खर्च काफी बढ़ जाएगा.
रिपोर्ट के मुताबिक भारत जैसे देश में कंपनियां कम लागत वाली बेहतर तकनीक की तलाश में रहती हैं. चीन की रोक के बाद उनके लिए सस्ते और अच्छे AI के ऑप्शन काफी सीमित हो जाएंगे.
चीन किन मॉडल्स पर लगा सकता है रोक?
रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल किसी खास मॉडल का नाम तय नहीं है, जिसकी पहुंच को सीमित किया जाएगा, लेकिन जानकारी है कि भविष्य में आने वाले ताकतवर मॉडल्स पर यह रोक लग सकती है.
फिलहाल अलीबाबा का Qwen, बाइटडांस का Doubao, और DeepSeek जैसी कंपनियों के मॉडल्स को इस सूची में शामिल समझा जा रहा है. इसके अलावा नए स्टार्टअप Z.ai का GLM-5.2 मॉडल भी उस लिस्ट में शामिल हो सकता है जिसे बाकी देशों के लिए सीमित किया जाना है.