अमेरिका के ऊपर रहस्यमयी चीज गिरा रहा था चाइनीज विमान, कैमरे में हुआ कैद

तस्वीर में शेनलोंग को एक दूसरे सैटेलाइट से जुड़ा हुआ दिखाया गया है, जिसके सोलर पैनल खुले हुए हैं. इसके पिछले हिस्से में मौजूद पेलोड का दरवाजा खुला हुआ लग रहा है. ये फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

चीन का सीक्रेट प्लेन (Photo-X/@FaySue6)

China Secretive Shenlong Space: चीन के सीक्रेट रोबोटिक स्पेस प्लेन, ‘शेनलोंग’ की एक दुर्लभ और बहुत डिटेल्ड तस्वीर अमेरिकी खुफिया आकलन में सामने आई है. इससे चीन के गोपनीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को करीब से देखने का मौका मिला है. यह अंतरिक्ष यान तब अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आया, जब इसने पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में रहते हुए कई बार अज्ञात चीजों को छोड़ा. ‘डिवाइन ड्रैगन’ के नाम से भी जाना जाने वाला शेनलोंग पिछले तकरीबन 6 सालों से अपने मिशनों को अंजाम दे रहा है. स्पेस रिसर्चर्स, सैटेलाइट ट्रैकिंग कंपनियों और इंडिपेंडेंट ऑब्जर्वर्स ने इसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी है, खासकर तब से जब इसके ऑर्बिटल ऑपरेशंस के दौरान कुछ असामान्य वस्तुओं को छोड़े जाने की खबरें सामने आईं.

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हाल ही में जारी तस्वीर से क्या पता चलता है?

Space.com के मुताबिक ये तस्वीर 2024 में ‘मैक्सर टेक्नोलॉजीज’ (जिसे अब ‘वैंटोर’ के नाम से जाना जाता है) की तरफ से संचालित एक सैटेलाइट से ली गई थी. ये तस्वीर लगभग 90 किलोमीटर की दूरी से ली गई है और बताया जाता है कि इसका रिज़ॉल्यूशन 4.5 सेंटीमीटर प्रति पिक्सेल है. ये तस्वीर अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) की तरफ से छपी एक ‘थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट’ का हिस्सा है. इस रिपोर्ट में शेनलोंग को एक ऐसे अंतरिक्ष यान के रूप में बताया गया है जो वस्तुओं को कक्षा में ले जाने, प्रयोग करने और फिर वापस पृथ्वी पर लौटने में सक्षम है. तस्वीर में चीनी स्पेस प्लेन एक अन्य सैटेलाइट से जुड़ा हुआ दिखाई देता है, जिसके सोलर पैनल खुले हुए हैं. इसका पिछला पेलोड कंपार्टमेंट भी खुला हुआ नजर आ रहा है, जिससे इसकी कार्यक्षमता के बारे में कुछ सुराग मिल सकते हैं.

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अमेरिका के X-37B से शेनलोंग की समानताएं

चीन के इस रियूजेबल स्पेसक्राफ्ट की कई खूबियां अमेरिका के X-37B से मिलती-जुलती हैं, जो बोइंग की तरफ से विकसित एक रोबोटिक स्पेस प्लेन है. दोनों ही यानों को रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में भेजा जाता है, ये कक्षा में काम करते हैं और इन्हें इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि ये वापस पृथ्वी पर आकर रनवे पर लैंड कर सकें. शेनलोंग का सबसे नया मिशन (जो इसकी चौथी ज्ञात ऑर्बिटल उड़ान है) 7 फरवरी को शुरू हुआ. इसे चीन के जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से ‘लॉन्ग मार्च 2F’ रॉकेट के ज़रिए लॉन्च किया गया था. बीजिंग ने आधिकारिक तौर पर इस अंतरिक्ष यान की कोई तस्वीर जारी नहीं की है. हालांकि, ‘वैंटोर’ के मुताबिक, इसकी लंबाई तकरीबन 26 फीट होने का अनुमान है.

पृथ्वी से शेनलोंग को कब देखा जा सकता है?

‘हेवन्स-एबव’ से मिली ऑर्बिटल ट्रैकिंग जानकारी के आधार पर, Space.com ने कुछ ऐसे मौकों की पहचान की है, जब इस अंतरिक्ष यान को अमेरिका के कुछ हिस्सों के ऊपर देखा जा सकता है. 3 नवंबर को स्पेस प्लेन के डेनवर के ऊपर से गुजरने की उम्मीद है, जबकि लॉस एंजिल्स में लोग इसे 5 और 6 नवंबर को देख सकते हैं. इसे देखने के लिए सबसे अच्छा समय सूर्योदय से पहले का होगा, जब अंतरिक्ष यान की सतह से सूरज की रोशनी टकराकर रिफ्लेक्ट होगी और वो दिखाई दे सकता है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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