Ghost Disease : उत्तर कोरिया एक ऐसा देश है जहां तानाशाही है, लोकतंत्र का नाम नहीं है। लोगों को बेसिक सुविधाएं तक नहीं मिल पाती हैं। पहले ही कई संकटों का सामना कर रहे इस देश के लोगों के सामने अब एक और बड़ा संकट एक रहस्यमयी बीमारी के रूप में खड़ा हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार यहां बच्चों का जन्म हाथ, पैर या अन्य अंगों के बिना हो रहा है। डेलीमेल की एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरिया से भागने में सफल हुए कुछ लोगों ने बताया कि यह बीमारी देश के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की परमाणु हथियारों की टेस्टिंग साइट के पास से फैली है। आइए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्या है और कितना गंभीर है।
यह कहानी बताई है यूंग्रान ली ने जो साल 2015 में नॉर्थ कोरिया से भाग गई थीं। उन्होंने कहा कि पुंग्ये-री टेस्ट साइट के आस-पास के इलाके एक बेहद डरावनी बीमारी का सामना कर रहे हैं। यह बीमारी लोगों की जान ले रही है और बच्चों को कोख में ही अपना शिकार बना लेती है। इसकी वजह से बच्चे बिना अंगों के पैदा हो रहे हैं। डॉक्टर्स को इस बीमारी के बारे में कुछ नहीं पता है। ली ने कहा कि किलजू काउंटी में नागरिक बीमारियों से परेशान हैं और कोई नहीं जानता कि इसका कारण क्या है। यहां अस्पतालों में डॉक्टर बीमारियों को डायग्नोस नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा लगभग हर दूसरे घर में कोई न कोई व्यक्ति कैंसर से पीड़ित है।
न दवाई है, न डॉक्टरों को कुछ पता है
ली बताती हैं कि एक न्यूक्लियर टेस्टिंग जोन के पास रहने के बहुत नुकसान हैं। वह याद करती हैं कि जब सेना वहां हथियारों की टेस्टिंग करती थी तो उनके घर की दीवारें और फर्नीचर हिलने लगते थे, मानो भूकंप आ गया हो। उनका बेटा भी इसी रहस्यमयी बीमारी का शिकार हो गया था जिसकी मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया में संयुक्त राष्ट्र की ओर से आने वाली दवाईयां सरकारी अधिकारी अपने पास रख लेते हैं। फ्री हेल्थकेयर के वादों के बाद भी यहां फार्मेसियों में दवाओं की अलमारियां खाली ही देखने को मिलती हैं। उनका बेटा 27 साल की उम्र में बीमार पड़ा था। तब दवाई के लिए उन्हें ब्लैक मार्केट का रुख करना पड़ा था।
रेडिएशन है इन बीमारियों का कारण?
चीन से स्मगलिंग के जरिए आई इन दवाईयों से राहत नहीं मिली तो उन्होंने बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया। ली कहती हैं कि एक डॉक्टर ने मुझे बताया कि मेरे बेटे के फेफड़ों में छेद थे। उसने यह भी कहा था कि उसे पता ही नहीं है कि इतनी ज्यादा संख्या में कम उम्र के मरीज अस्पताल क्यों पहुंच रहे हैं। आखिरकार उनके बेटे की जान चली गई। इतना ही नहीं ली के 7 करीबी दोस्त थे, साल 2012 में उन्हें टीबी होने की जानकारी सामने आई और 4 साल के अंदर आठों की मौत हो गई। इन सब घटनाओं के बाद उन्होंने उत्तर कोरिया छोड़ने और आजाद समाज में जीने का फैसला किया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन अजीब बीमारियों का कारण रेडिएशन है।
ये भी पढ़ें: सड़कों पर रेट कार्ड के साथ ‘प्यार’ बेच रहीं लड़कियां
ये भी पढ़ें: ईरान ने क्यों खाई इजराइल को खत्म करने की कसम
ये भी पढ़ें: भारी-भरकम Aircraft Carriers की रफ्तार कितनी?
संबंधित खबरें
पाकिस्तान में PTI ने ठुकराई शहबाज सरकार की कौन सी शर्त? अब आर-पार की लड़ाई पर पहुंची बात
12 hrs agoफ्लाईदुबई के प्लेन को हादसे से बचाने वाले रहस्यमयी फरिश्ते कौन थे? यात्रियों ने बताई आपबीती
13 hrs agoक्या है अमेरिका का वीजा बॉन्ड और 50 देशों पर क्यों हुआ लागू ? भारत को मिली छूट
13 hrs agoयूक्रेन में रूसी ड्रोन हमले से भारतीय फार्मा प्लांट तबाह, 400 करोड़ के नुकसान का अनुमान
14 hrs agoस्मित मच्छार के हमलावर के सपोर्ट में आया 'अलकायदा', फ्लाईदुबई के विमान को बताया 'जायानिस्ट UAE प्लेन'
19 hrs agoएलन मस्क का गर्लफ्रेंड से क्यों हुआ ब्रेकअप? शिवोन जिलिस ने X पोस्ट में बयां किया रिश्ता टूटने का दर्द
19 hrs agoजीने के मामले में पाकिस्तानियों से आगे भारतीय, लेकिन बांग्लादेशियों से हैं पीछे , WHO की रिपोर्ट में खुलासा
20 hrs agoअटलांटिक महासागर के ऊपर विमान लापता, 6 लोगों को लेकर जा रहा था बोस्टन, ATC-पायलट की बातचीत आई सामने
20 hrs agoकौन थे वो 2 मिस्ट्री पायलट? जिन्होंने 17000 फीट नीचे गिर चुकी फ्लाईदुबई फ्लाइट को किया कंट्रोल? रोका बड़ा हादसा
21 hrs agoरियाद में 'सऊदी अरामको' की रिफाइनरी पर हूतियों का मिसाइल अटैक, आसमान में दिखा धुएं का गुबार
21 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines