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बिल गेट्स का सांसदों के सामने सनसनीखेज खुलासा, जेफरी एपस्टीन से मिलना उनकी जिंदगी की बड़ी भूल

Bill Gates Big revelation: माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने अमेरिकी सांसदों के सामने बंद कमरे में बड़ा खुलासा किया है. गेट्स ने माना कि कलंकित फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से मिलना उनकी जिंदगी की बड़ी भूल थी. एपस्टीन ने गेट्स के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का राज जानकर उन्हें ब्लैकमेल करने का प्रयास किया था.

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Bill Gates Big revelation: माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने अमेरिकी सांसदों के सामने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है. हाउस ओवरसाइट कमेटी के सामने बंद कमरे में हुई पूछताछ के दौरान बिल गेट्स ने स्वीकार किया कि कलंकित फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से मिलना उनके जीवन की एक गंभीर और बड़ी भूल थी. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें एप्स्टीन से कभी मिलना ही नहीं चाहिए था.

अफेयर की बात दबाने के लिए बनाया दबाव

बिल गेट्स द्वारा दिए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, जब उन्होंने साल 2014 में एपस्टीन से अपने सभी रिश्ते तोड़ लिए, तब एप्स्टीन ने उन्हें ब्लैकमेल करने का रास्ता चुना. एपस्टीन के पास गेट्स की निजी जिंदगी से जुड़ी बेहद संवेदनशील और गुप्त जानकारियां थीं. इसमें यह बात भी शामिल थी कि जब बिल गेट्स अपनी तत्कालीन पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स के साथ वैवाहिक रिश्ते में थे, तब उनका किसी दूसरी महिला के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चल रहा था.

एपस्टीन इसी राज का फायदा उठाकर गेट्स पर दोबारा संपर्क बहाल करने और अपने व्यावसायिक हितों को साधने का दबाव बना रहा था. हालांकि, गेट्स ने कमेटी को बताया कि एपस्टीन अपने इस गंदे मकसद में कामयाब नहीं हो सका, लेकिन यह उसकी घिनौनी मानसिकता और गलत फायदा उठाने की कोशिश को जरूर दिखाता है.

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सांसदों के सामने स्वेच्छा से दी गवाही

टेक जगत के दिग्गज बिल गेट्स इस पूरे मामले की जांच कर रही अमेरिकी संसदीय कमेटी के सामने पेश होने वाले अब तक के सबसे रसूखदार व्यक्ति बन गए हैं. वे बिना किसी कानूनी मजबूरी के, खुद स्वेच्छा से गवाही देने पहुंचे थे. न्याय विभाग की जांच के दौरान कुछ सरकारी दस्तावेजों में बिल गेट्स का नाम आने के बाद कमेटी के अध्यक्ष जेम्स कॉमर ने उन्हें औपचारिक रूप से बुलाया था.

परोपकार के नाम पर झांसे में आए गेट्स

एप्स्टीन से हुई मुलाकातों पर सफाई देते हुए गेट्स ने कहा कि उनका परिचय कुछ पेशेवर और सामाजिक काम करने वाले लोगों के जरिए हुआ था. एपस्टीन ने दावा किया था कि वह वैश्विक स्वास्थ्य और सामाजिक सुधारों के लिए अरबों डॉलर का फंड जुटा सकता है. इसी झांसे में आकर गेट्स उससे मिले थे. लेकिन जब उन्हें समझ आया कि एपस्टीन खोखले वादे कर रहा है, तो उन्होंने तुरंत दूरी बना ली. गेट्स ने स्पष्ट किया कि वे कभी एपस्टीन के किसी विवादित द्वीप या संपत्ति पर नहीं गए और न ही उन्हें एप्स्टीन के किसी आपराधिक नेटवर्क की भनक थी.

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मुलाकात का है गहरा अफसोस

अपनी वेबसाइट ‘गेट्स नोट्स’ पर जारी एक बयान में उन्होंने लिखा, “जीवन बचाने वाले सामाजिक कार्यों में प्रतिष्ठा ही सबसे बड़ी पूंजी होती है. एपस्टीन से मिलना मेरे निर्णय की एक बहुत बड़ी गलती थी, जिसने मेरे काम को जोखिम में डाला. अगर मेरी वजह से उसे समाज में कोई विश्वसनीयता मिली, तो मुझे इसका जिंदगी भर गहरा अफसोस रहेगा. अब मैं किसी से भी जुड़ने से पहले बेहद सतर्क रहता हूं.”

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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