इजरायल में नेतन्याहू की सत्ता पर संकट, अरब सांसदों ने दिया गादी को समर्थन; विपक्ष ने छू लिया जादुई आंकड़ा

Israel News: बेंजामिन नेतन्याहू के हाथों से इजरायल की सत्ता फिसलती हुई नजर आ रही है, क्योंकि उनके विरोधी गुट के नेता गादी आइसेनकोट ने बहुमत का मैजिक नंबर तकरीबन हासिल कर लिया है, जिसमें अरब पार्टियों का समर्थन भी शामिल है.

Benjamin Netanyahu Gadi Eisenkot (Photo-PTI X/@gadi_eisenkot)

(Photo-PTI and X/) (Photo-PTI X/@gadi_eisenkot)

Benjamin Netanyahu Vs Gadi Eisenkot: इजरायल की राजनीति में बड़ा उलटफेर होता दिखाई दे रहा है. मौजूदा चैंपियन बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से बाहर रखने के लिए अरब पार्टियों ने उनके विरोधी गादी आइसेनकोट के समर्थन में हाथ मिला लिया है. इस खबर के बाद आइसेनकोट की लीडरशिप में नई सरकार बनने की संभावनाएं मजबूत हो गई हैं.

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इजरायल की अरब पार्टी जॉइंट लिस्ट ने ऐलान किया है कि वहोराष्ट्रपति इसाक हर्जोग के सामने याशार पार्टी के चीफ गादी आइसेनकोट को अगला प्रधानमंत्री बनाने की सिफारिश करेगी. जॉइंट लिस्ट के पास 11 सीटें हैं. इससे पहले राआम पार्टी भी आइसेनकोट के सपोर्ट का ऐलान कर चुकी है.

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अरब पार्टियों के सपोर्ट से बदला समीकरण

‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की 4 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, राआम के चीफ मंसूर अब्बास ने राष्ट्रपति से आइसेनकोट को सरकार बनाने का मौका देने की सिफारिश करने की बात कही थी. राआम के पास संसद में 8 सीटें हैं. वहीं जॉइंट लिस्ट ने कहा कि उसके 3 घटकों ने नेतन्याहू की वापसी रोकने के मकसद से ये फैसला लिया है. पार्टी का मानना है कि आइसेनकोट को समर्थन देने से सरकार बदलने की संभावना बढ़ेगी और ऐसी मिली-जुली सरकार बनने का खतरा कम होगा, जिसमें नेतन्याहू किसी रूप में सत्ता में बने रहें.

120 सीटों वाली संसद में किसके पास कितनी ताकत?

इजरायल की संसद ‘नेसेट’ में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है. आइसेनकोट की लीडरशिप वाले विपक्षी गठबंधन को 48 सीटें मिली हैं. जॉइंट लिस्ट की 11 और राआम की 8 सीटें जोड़ने पर ये आंकड़ा 67 तक पहुंच जाता है. इस तरह उन्हें बहुमत के जरूरी आंकड़े से 6 सीटें ज्यादा मिलती दिखाई दे रही हैं.

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हमास के निरस्त्रीकरण पर भी बनी सहमति

‘द जेरुशलम पोस्ट’ के मुताबिक, मंसूर अब्बास ने बातचीत के दौरान हमास के पूरी तरह निरस्त्रीकरण का समर्थन किया. ये आइसेनकोट की ओर से गठबंधन में शामिल होने के लिए रखी गई 4 अहम शर्तों में से एक है. हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करने के सवाल पर अब्बास ने अरब समुदाय और इजरायल के अन्य नागरिकों के बीच संवाद बनाए रखने पर जोर दिया. अब जॉइंट लिस्ट का डेलिगेशन राष्ट्रपति हर्जोग के सामने आइसेनकोट के नाम की औपचारिक सिफारिश पेश करेगा. हालांकि चुनाव में किसी भी गठबंधन को अपने दम पर बहुमत नहीं मिलने के कारण सरकार गठन की प्रक्रिया आगे भी राजनीतिक बातचीत पर निर्भर करेगी.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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