बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार, जाहेद उर रहमान को रविवार शाम दिल्ली एयरपोर्ट पर भारतीय इमिग्रेशन अधिकारियों ने कुछ देर के लिए रोक लिया था. हालांकि, उच्च अधिकारियों के दखल के बाद उन्हें देश में प्रवेश की क्लियरेंस दे दी गई थी, लेकिन बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के सहयोगी ने नाराजगी जताते हुए भारत में प्रवेश न करने का फैसला किया और कोलंबो के रास्ते वापस ढाका लौट गए.
IORA की अहम बैठक में शामिल होने आ रहे थे भारत
इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा है, जाहेद उर रहमान नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से 15 और 16 जून को आयोजित हिंद महासागर रिम एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति की 28वीं बैठक में भाग लेने के लिए भारत पहुंचे थे. इस यात्रा के बारे में नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने शुक्रवार को ही भारत के विदेश मंत्रालय को बकायदा कूटनीतिक नोट भेजकर आधिकारिक सूचना दे दी थी. यहां तक कि बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम रियाज हमीदुल्ला ने भी यात्रा से पहले भारतीय अधिकारियों से बात की थी. इसके बावजूद रविवार शाम जब जाहेद दिल्ली उतरे, तो उन्हें इमिग्रेशन काउंटर पर रोक लिया गया और बिना कोई स्पष्ट कारण बताए ढाई घंटे तक इंतजार कराया गया.
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सामान्य पासपोर्ट पर कर रहे थे यात्रा
बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट ‘द डेली स्टार’ ने एक भारतीय न्यूज चैनल के हवाले से बताया कि वेरिफिकेशन के दौरान जाहेद उर रहमान का नाम कथित तौर पर एक सिक्युरिटी वॉटलिस्ट में दिखाई दिया था. इसके अलावा यह भी सामने आया है कि बांग्लादेशी पीएम के सलाहकार, डिप्लोमेटिक पासपोर्ट के बजाय सार्क स्टिकर वाले एक रेगुलर ग्रीन कलर के पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे थे. इसके बाद उन्हें करीब 2.5 घंटे एयरपोर्ट पर रोका गया.
कौन हैं जाहेद उर रहमान?
जाहेद उर रहमान बांग्लादेश के वर्तमान प्रधानमंत्री तारिक रहमान के बेहद करीबी और उनकी नई सरकार के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक हैं. पेशे से चिकित्सक होने के साथ-साथ वे एक जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक भी हैं. इससे पहले वे मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान गठित चुनाव सुधार आयोग में भी काम कर चुके हैं.
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भारत-बांग्लादेश संबंध नए दौर में
अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन और फिर इस साल फरवरी में तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद से दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों के एक नए और संवेदनशील चरण से गुजर रहे हैं. हालांकि, शुरुआत में भारत ने नई सरकार के साथ सकारात्मक शुरुआत की थी. पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भेजा था और उन्हें भारत आने का न्योता भी दिया था.
ईरान युद्ध के चलते बने वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भारत लगातार डीजल आपूर्ति के जरिए बांग्लादेश की मदद कर रहा है. ऐसे में दिल्ली हवाई अड्डे की इस घटना को रणनीतिक जानकार काफी बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि यह ऐसे समय पर हुआ है जब बांग्लादेश अपनी नई विदेश नीति को आकार दे रहा है और तारिक रहमान अपने पहले विदेशी दौरे के लिए भारत या चीन के बजाय मलेशिया को चुनकर एक क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश में हैं.
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