बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव के लिए वोटिंग जारी है. इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे और आईटी विशेषज्ञ सजीब वाजेद ने एक इंटरव्यू में इस चुनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने साफ कहा है कि ये चुनाव लोकतांत्रिक नहीं बल्कि एक दिखावा है. सजीब वाजेद का कहना है कि देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी अवामी लीग को चुनाव में हिस्सा लेने से रोका गया है, जो अपने आप में लोकतंत्र पर बड़ा सवाल है. वाजेद के मुताबिक, जब एक प्रमुख पार्टी को बाहर कर दिया जाए तो ऐसे चुनाव को निष्पक्ष नहीं कहा जा सकता.
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सजीब वाजेद ने लगाए आरोप
सजीब वाजेद ने आरोप लगाया कि चुनावी नतीजे पहले से तय करने की कोशिश हो रही है. उन्होंने ये भी कहा कि अवामी लीग से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है. कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, डराया गया है और राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखा जा रहा है. सजीब वाजेद के मुताबिक, ऐसे माहौल में जनता की असली आवाज सामने नहीं आ सकती. सजीब वाजेद ने बांग्लादेश की जनता से अपील की कि वो इस चुनाव का बहिष्कार करें, ताकि दुनिया को ये संदेश जाए कि देश के लोग इस प्रक्रिया को स्वीकार नहीं करते.
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'कट्टरपंथी ताकतें सत्ता में आ सकती हैं'
सजीब ने आगे चेतावनी दी कि अगर इस तरह के चुनाव के जरिए कट्टरपंथी ताकतें सत्ता में आती हैं, तो बांग्लादेश में हालात और खराब हो सकते हैं. उन्होंने आशंका जताई कि इससे महिलाओं के अधिकार, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आजादी पर असर पड़ सकता है. साथ ही इसका असर पड़ोसी देशों पर भी देखने को मिल सकता है. सजीब वाजेद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वे बांग्लादेश के चुनाव पर नजर रखें और लोकतंत्र के समर्थन में आवाज उठाएं. उनका कहना है कि बांग्लादेश के भविष्य के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव बेहद जरूरी हैं.
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