पाकिस्तान के राष्ट्रपति से भी ज्यादा पावरफुल हुआ आसिम मुनीर! मिली ऐसी शक्तियां, दुनिया के कई देशों को हुई टेंशन

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान सरकार ने आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोट किया गया था, लेकिन अब उन्हें ‘कमांडर ऑफ डिफेंस फोर्सेज’ (CDF) का नया संवैधानिक पद देने की तैयारी की जा रही है.

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Asim Munir Power: भारत से ऑपरेशन सिंदूर में मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान में आर्मी चीफ आसिम मुनीर को हीरो की तरह पेश किया जा रहा है. अपनी नाकामी को छिपाने के लिए पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने अपने लोगों को सोशल मीडिया पर झूठ परोसा, जिसे पाकिस्तानियों ने मान भी लिया. हालांकि पाकिस्तान सरकार के पास सबूत के तौर पर दुनिया को दिखाने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन वो आसिम मुनीर पर काफी मेहरबान है. अब आसिम की ताकत को और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद इस सनकी आर्मी चीफ की पहुंच परमाणु बम जैसे खतरनाक हथियारों तक पहुंच सकती है. ये खबर दुनिया के लिए वाकइ परेशान करने वाली है.

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आसिम मुनीर की बढ़ने वाली है ताकत


ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान सरकार ने आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोट किया गया था, लेकिन अब उन्हें ‘कमांडर ऑफ डिफेंस फोर्सेज’ (CDF) का नया संवैधानिक पद देने की तैयारी की जा रही है. शहबाज शरीफ सरकार ने बीते शनिवार आसिम मुनीर की ताकत बढ़ाने वाला 27वां संविधान संशोधन संसद में पेश किया. ये बिल अगर पास हो जाता है तो पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव आएगा. CDF बनने के बाद आसिम मुनीर के पास पाकिस्तान की तीनों जल-थल और वायु सेना का कंट्रोल आ जाएगा. संसद में बिल पेश करते हुए कानून मंत्री तारड़ ने बताया कि इस बदलाव का कारण भारत से लगातार बढ़ता तनाव है.

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संविधान में दर्ज होगा सीडीएफ का पद


उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक युद्ध के तरीके अब पूरी तरह बदल चुके हैं. सीक्रेट मिशन, ड्रोन अटैक और साइबर हमले, आज की लड़ाई में सेना के लिए कारगर साबित होती हैं. इसलिए पाकिस्तान को भी अपनी सेना की संरचना को और मजबूत करने की जरूरत है. आर्मी एक्ट के तहत पाकिस्तानी सेना के कई अहम पद तो आते थे, लेकिन 1973 के संविधान में उनका उल्लेख नहीं थी. तारड़ ने बताया कि पाकिस्तान सरकार चाहती है कि सेना की टॉप कमान को भी उल्लेख संविधान में किया जाए, ताकि उसे कानूनी और संवैधानिक शक्ति मिल सके.

कितनी बढ़ जाएगी आसिम मुनीर की ताकत और सैलरी?

  1. CDF बनने के बाद आसिम मुनीर पाकिस्तान की तीनों सेनाओं के प्रमुख बन जाएंगे.
  2. 27वां संशोधन बिल पास होते ही आसिम मुनीर पाकिस्तान के सबसे शक्तिशाली सैन्य अधिकारी बन जाएंगे.
  3. आसिम मुनीर को CDF का पद मिलने पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की भी सैन्य मामलों में भूमिका सीमित हो सकती है.
  4. इसके अलावा सेना को लेकर किए जाने वाले फैसले और रणनीति सीडीएफ के हाथों में होगी.
  5. इतना ही नहीं, सीडीएफ के पास ही परमाणु बम से संबंधित फैसले लेने का अधिकार होगा.
  6. रिपोर्ट्स के अनुसार सीडीएफ का पद मिलने के बाद फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की सैलरी में 30 फीसदी तक इजाफा हो सकता है.
  7. इसके साथ ही आसिम को लाइफ टाइम सिक्योरिटी, आवास, विदेश नीति में सलाहकार की भूमिका और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता भी दी जा सकती है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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