दम्माम एयरपोर्ट हमले के मृतकों में एक भारतीय, सऊदी अरब में देर रात हुआ था हमला
Saudi Arabia News: सऊदी अरब का एक और हवाई अड्डा हूती विद्रोहियों के निशाने पर आ गया. इस बार दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला हुआ. इसमें 2 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक भारतीय शामिल है.
किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला (Phot-KFIA and Screengrab)
Houthi Attack On Dammam Airport: सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर 21 अक्टूबर 2026 को देर रात हुए हमले में एक भारतीय नागरिक समेत 2 लोगों की मौत हो गई और 8 अन्य घायल हो गए. ये जानकारी वहां की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने दी है. ये घटना ऐसे वक्त में हुई है जब यमन के हूती विद्रोहियों की तरफ से सऊदी अरब के इलाकों और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों में तेजी आई है.
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मृतकों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल
जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने कंफर्म किया है कि इस हमले में एक सऊदी नागरिक और एक भारतीय शख्स की मौत हुई है. 22 अक्टूबर 2026 को जारी एक बयान में अथॉरिटी ने मृतकों की संख्या को रिवाइज किया. उन्होंने ये भी बताया कि अधिकारी हवाई अड्डे को हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं. आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर इस महीने सऊदी अरब के हवाई अड्डों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में 22 लोगों की जान जा चुकी है.
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Saudi authorities have informed that one Indian national was among two people who unfortunately lost their lives in the attack on Dammam airport yesterday night and two Indian nationals were injured. We are ascertaining further details and contacting the affected families. Our…
पिछले कुछ वक्त से सऊदी अरब की ऑयल फैसिलिटीज और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हूती हमलों में तेजी आई है. सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति के कारण रियाद को अपना मेन एयरपोर्ट बंद करना पड़ा है और एक बड़े इंवेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस को भी टालना पड़ा है. हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में समुद्री नाकेबंदी का भी ऐलान किया है, जिससे दुनिया के सबसे बड़े ऑयल एक्सपोर्टर, सऊदी अरब से होने वाली तेल सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
मिडिल ईस्ट में बढ़ती टेंशन
ये हमले यमन के गृहयुद्ध में लंबे समय से चल रहे संघर्ष-विराम के जुलाई में टूट जाने के बाद हुए हैं. ईरान समर्थित हूती आंदोलन, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ लड़ रहा है, जिसे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन हासिल है. सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी के ऐलान करने के बाद, हूती विद्रोहियों ने जहाजों, सऊदी अरब के इलाकों और ऑयल फैसिलिटीज को निशाना बनाना शुरू कर दिया. सितंबर में, इस ग्रुप ने एक बड़ा हमला किया और यमन के लाल सागर तट के उन इलाकों पर कब्जा कर लिया, जो पहले सरकारी फोर्सेज के कंट्रोल में थे.
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सऊदी अरब ने इसके जवाब में यमन के उन इलाकों में लगातार हवाई हमले किए हैं जो हूती के कंट्रोल में हैं. यमन का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही गरीबी और कई सालों के संघर्ष से जूझ रहा है. इन ताजा घटनाओं ने रीजनल सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताओं को और बढ़ा दिया है, साथ ही ट्रांसपोर्ट और एनर्जी से जुड़े अहम इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.