फरवरी में शुरू हुआ ईरान और अमेरिका युद्ध साल के आखिर तक भी जारी है. पूरी दुनिया की नजर इसी बात पर टिकी है कि मिडिल ईस्ट में जारी ये तनाव आखिर कब खत्म होगा. इसी बीच तेहरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सोमवार को कहा कि अगर अमेरिका उनकी मांगें मान लेता है, तो ईरान दो दिनों के अंदर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए तैयार है.
ईरान की क्या है शर्त?
न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, ईरानी अधिकारी ने बताया कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ बातचीत की जा रही है. उनका कहना है ,”अब सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका, ईरान की मांगों को स्वीकार करे, तभी हम आगे के चरणों पर चर्चा कर सकते हैं.” बकायी के हवाले से कहा गया, ”हमने साफ किया है कि अगर ईरान की मांगें पूरी हो जाती हैं, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षा बहाल करना और कुछ ही समय के भीतर बातचीत की प्रक्रिया को फिर से शुरू करना मुमकिन होगा.”
क्या है ईरान की मांग?
AFP के मुताबिक, ईरान ने मांग रखी है कि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध सभी मोर्चों पर खत्म किया जाए, विदेशों में मौजूद ईरानी संपत्तियों को फ्रीज ना किया जाए, तेल क्षेत्र पर लगे बैन को हटाया जाए और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को खत्म किया जाए. अल जजीरा के साथ हुए एक इंटरव्यू के दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका को ईरान और ओमान के बीच हुई सहमति पर मान जाना चाहिए, ताकि होर्मुज सभी के लिए खोला जा सके. उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका ने हाल ही में जो बैन लगाए हैं, उन्हें हटा देना चाहिए और इलाके में तैनात किए गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करनी चाहिए.