अमेरिका और ईरान के बीच लगातार खींचतान जारी है. इसी कड़ी में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक और कड़ा कदम उठाया है. उन्होंने एक नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि जो देश ईरान के साथ व्यापार करेंगे, उन पर अमेरिका अतिरिक्त टैरिफ (आयात शुल्क) लगाएगा. इस फैसले को ईरान पर दबाव बनाने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
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क्या है नया अमेरिकी आदेश?
नए आदेश के तहत अगर कोई देश ईरान से तेल, गैस, या बाकी सामान खरीदता है या उसके साथ किसी भी तरह का व्यापार करता है, तो अमेरिका उस देश से आने वाले सामान पर 25 फीसदी तक टैरिफ लगा सकता है. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ये फैसला अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति को ध्यान में रखकर लिया गया है. अमेरिका का आरोप है कि ईरान अपनी नीतियों से मिडिल ईस्ट में अस्थिरता फैला रहा है. ट्रंप सरकार का मानना है कि ईरान पर आर्थिक दबाव डालकर उसे अपनी गतिविधियां बदलने के लिए मजबूर किया जा सकता है. इसी वजह से अमेरिका पहले भी ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा चुका है.
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किन देशों पर पड़ सकता है असर?
इस फैसले का असर उन देशों पर ज्यादा पड़ सकता है, जो ईरान के साथ लगातार व्यापार करते हैं. इनमें चीन, भारत, तुर्की और कुछ खाड़ी देश शामिल हैं. अगर ये देश ईरान से व्यापार जारी रखते हैं, तो उन्हें अमेरिका के साथ व्यापार में नुकसान झेलना पड़ सकता है. अमेरिका के इस फैसले पर कई देशों ने चिंता जताई है. कुछ देशों का कहना है कि इस तरह के टैरिफ से वैश्विक व्यापार पर नेगेटिव असर पड़ेगा और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ेगी. वहीं कुछ देश अमेरिका के दबाव में अपने फैसलों पर दोबारा विचार कर सकते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि कौन से देश अमेरिका के इस आदेश का पालन करते हैं और कौन नहीं. माना जा रहा है कि यह फैसला अमेरिका-ईरान तनाव को और बढ़ा सकता है और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है
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