अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म कराने के लिए कूटनीति फिर से शुरू हो गई है। दोनों देश दूसरे दौर की शांति वार्ता के लिए राजी हो गए हैं। शांति वार्ता कब और कहां होगी? अभी यह फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन चर्चा है कि दोनों देश पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ही फिर से चर्चा के लिए बैठ सकते हैं। इस बीच ईरान के लिए अमेरिका की 10 शर्तों की डिटेल सामने आई है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि इस बार आखिरी मौका और फाइनल ऑफर है। अगर नहीं माना तो ईरान को बर्बाद कर देंगे।
ईरान की होर्मुज पर अमेरिका के लिए शर्त
ईरान ने भी अमेरिका के साथ होर्मुज स्ट्रेट पर वार्ता के लिए नया प्रस्ताव रखा है। रायटर्स के हवाले से खबर है कि ईरान ने शर्त रखी है। ईरान चाहता है कि अगर जंग रोकने के लिए समझौता हुआ तो ओमान के हिस्से से जहाजों को सुरक्षित निकलने की अनुमति दी जा सकती है। किसी पर भी हमला नहीं किया जाएगा। यह प्रस्ताव अमेरिका के द्वारा ईरान की मांगें मानने पर निर्भर है, जिसमें युद्धविराम और प्रतिबंध हटाने जैसी शर्तें शामिल हैं। व्हाइट हाउस ने ईरान के प्रस्ताव पर तत्काल टिप्पणी नहीं की है।
ईरान के लिए अमेरिका की 10 शर्तें क्या हैं?
1. सभी परमाणु ठिकानों की अंतरराष्ट्रीय निगरानी की छूट देना
2. 440 किलो एनरिच्ड यूरेनियम सौंपना, संवर्धन कार्यक्रम बंद करना
3. मिसाइलों के भंडारों को सार्वजनिक करना
4. लंबी दूरी की मिसाइलों (ICBMs) पर नियंत्रण
5. होर्मुज स्ट्रेट से नियंत्रण हटाना, अंतरराष्ट्रीय मार्ग मानना
6. हिज्बुल्लाह, हमास और हूती जैसे प्रॉक्सी नेटवर्क खत्म करना
7. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) और बासिज मिलिशिया को भंग करना
8. अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करना
9. नरसंहार के दोषियों को सजा देना
10. होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय मार्ग की मान्यता देना
आसानी से ट्रंप की शर्तें नहीं मानेगा ईरान
चर्चा है कि ईरान के लिए उपरोक्त सभी 10 शर्तें मानना आसान नहीं होगा। क्योंकि यह शर्तें ईरान की रणनीतिक ताकत और संप्रभुता से जुड़ी हैं। इन शर्तों को मानने का मतलब अमेरिका की गुलामी स्वीकार करना होगा। सबसे बड़ा विवादित मामला परमाणु कार्यक्रम बंद करना और होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल छोड़ना है। अमेरिका चाहता है कि ईरान 20 साल तक यूरेनियम का संवर्धन पूरी तरह बंद कर दे। अब अमेरिका चाहता है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर भी अपना नियंत्रण पूरी तरह छोड़ दे।
ईरान यूरेनियम रूस को सौंपने को तैयार
ईरान कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए लिए है। हालांकि वह 5 साल के लिए परमाणु कार्यक्रम रोक सकता है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के 440 किलो संवर्धित यूरेनयिम को संभालकर रखने का प्रस्ताव भी दिया है। 5 साल बाद रूस यूरेनियम को प्रोसेस करके परमाणु ईंधन के रूप में वापस कर देगा। लेकिन अमेरिका इस शर्त को मानने के लिए तैयारी नहीं है। वह चाहत है कि ईरान का यूरेनियम अमेरिका को सौंपा जाए।
अमेरिका के सामने ईरान ने रखीं ये शर्तें
ईरान भी बातचीत में खाली हाथ नहीं बैठेगा। उसकी मांग है कि ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों हटाए जाएं। ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों की बहाली की जाए। फिर से हमले न करने की लिखित गारंटी की जाए। युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा भी दिया जाए।
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