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'गाजा की तरह नरक बन चुका है PoK', संयुक्त राष्ट्र को ब्रिटेन के सांसदों ने लिखा लेटर, पाकिस्तान पर लगाए आरोप

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन और नागरिकों पर कार्रवाई को लेकर ब्रिटेन के सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र की ओर रुख किया है. सांसदों ने UN महासचिव को पत्र लिखकर क्षेत्र के हालात पर दखल देने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

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POK, July 26 (ANI): Protestors raise slogans anti Pakistan slogans, in Rawalkot of Pakistan occupied Kashmir on Tuesday. (ANI Photo/ANI Pics Service)

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. जिसे देखते हुए ब्रिटेन के 70 से अधिक सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र का रुख किया है. ब्रिटिश सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कथित हिंसा व दमन को रोकने के लिए दखल की मांग की है. सांसदों का कहना है कि PoK में हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं और वहां रहने वाले लोगों के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

सांसदों की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब क्षेत्र में विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर लगातार खबरें आ रही हैं. पत्र में लोगों की मौतों, लोगों की गिरफ्तारी, संचार सेवाओं पर पाबंदी और जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित होने जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया गया है. ब्रिटिश सांसदों ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले नागरिकों और राजनीतिक अभिव्यक्ति पर भी रोक लगाए जाने की रिपोर्टें चिंता पैदा कर रही हैं.

21 अगस्त को लिखा था सांसदों ने पत्र

ब्रैडफोर्ड ईस्ट से लेबर सांसद और कश्मीर पर ऑल-पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप के अध्यक्ष इमरान हुसैन ने 21 अगस्त को एक पत्र के जरिए PoK में बिगड़ते हालात पर चिंता जाहिर की. पत्र में सांसदों ने वहां जारी तनाव और हिंसा के बीच हुई मौतों, घायलों, इंटरनेट व संचार सेवाओं पर पाबंदियों और गिरफ्तारियों का मुद्दा उठाया. इसके साथ ही उन्होंने भोजन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित होने को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की.

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UN से जरूरी कदम उठाने की अपील

रिपोर्ट के मुताबिक, PoK के कई हिस्सों में इंटरनेट और अन्य संचार सेवाओं पर प्रतिबंध के साथ कर्फ्यू और नाकाबंदी जैसे कदम उठाए गए हैं. इन परिस्थितियों के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ ब्रिटेन में रहने वाले कश्मीर मूल के लोगों में भी अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.

यह भी पढ़ें- मुश्किल में शहबाज शरीफ, क्या PAK में फिर बढ़ रहा राजनीतिक टकराव? इमरान खान के समर्थक भी नाराज

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संयुक्त राष्ट्र पहले भी जता चुका है चिंता

PoK में मानवाधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़ी घटनाओं को लेकर संयुक्त राष्ट्र की ओर से पहले भी चिंता जताई गई थी. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने क्षेत्र में हुई मौतों की निष्पक्ष और गहन जांच की बात कही थी. उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर भी सवाल उठाए थे.

संयुक्त अवामी कार्रवाई समिति (JAAC) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों में ट्रांसपोर्टर, छात्र, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता समेत अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल रहे हैं. पाकिस्तान प्रशासन ने समिति पर आतंकवाद रोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगाने और उसके कुछ नेताओं को गिरफ्तार करने की कार्रवाई भी की है.

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ब्रिटिश सांसदों ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि क्षेत्र में हिंसा और प्रतिबंधों के बीच नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए. उनका कहना है कि संयुक्त राष्ट्र पीओके की स्थिति पर नजर रखे और पाकिस्तानी सरकार से जवाब मांगे.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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