इमरान खान की 2 और बहनें हिरासत में, पाकिस्तान के पूर्व पीएम की रिहाई को लेकर प्रदर्शन से पहले हुई कार्रवाई

Pakistan News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान काफी वक्त से रावलपिंडी के अदियाला जेल में बंद हैं, और उनके परिवार के सदस्य और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ इस दिग्गज क्रिकेटर की रिहाई की मांग कर रही है, जिसके लिए 27 सितंबर 2026 को देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया गया है.

Imran Khan Sisters @PTIofficial

इमरान खान की 3 बहनें (Photo-X/@PTIofficial)

Imran Khan’s Sisters Detained: पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व पीएम और दिग्गज क्रिकेटर इमरान खान की 2 और बहनों को सोमवार, 21 सितंबर 2026 को लाहौर में हिरासत में ले लिया गया. इससे एक दिन पहले उनकी बहन अलीमा खान को हिरासत में लिया गया था. अधिकारियों ने बताया कि डॉ. उज़मा खान और नूरीन नियाज़ी को पाकिस्तान के ‘मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर’ (MPO) ऑर्डिनेंस की धारा 3 के तहत 30 दिनों के लिए हिरासत में लिया गया. बाद में उन्हें कोट लखपत जेल भेज दिया गया, जहां अलीमा भी बंद हैं.

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पुलिस ने क्यों उठाया ऐसा कदम?

ये कार्रवाई पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के 27 सितंबर को इस्लामाबाद में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और मार्च से पहले की गई है. पार्टी ने इमरान खान की रिहाई की मांग की है और कहा है कि इस लामबंदी का मकसद संवैधानिक और राजनीतिक मांगों के लिए दबाव बनाना है. पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि हिरासत के आदेश पुलिस की सिफारिशों के बाद लाहौर के डिप्टी कमिश्नर ने जारी किए. प्रशासन का आरोप है कि ये दोनों महिलाएं पब्लिक ऑर्डर के लिए खतरा पैदा कर सकती थीं और समर्थकों को एकजुट करने में शामिल थीं.

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खबरों के मुताबिक, आदेशों में 9 मई 2023 के विरोध प्रदर्शनों में उनकी कथित भूमिका का जिक्र है और उन पर कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है. अधिकारियों ने ये भी आरोप लगाया कि वो प्रदर्शन से पहले समर्थकों को एकजुट करने के लिए सोशल मीडिया और जनसभाओं का इस्तेमाल कर रही थीं. अलीमा खान को रविवार, 20 सितंबर 2026 को इसी कानून के तहत हिरासत में लिया गया था और कोट लखपत जेल भेज दिया गया था. इमरान खान के परिवार के कुछ दूसरे सदस्यों को भी कुछ वक्त के लिए हिरासत में लिया गया था, हालांकि बाद में वकीलों ने अलीमा के बेटों की रिहाई की पुष्टि की.

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हिरासत को कोर्ट में चुनौती

पीटीआई ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया और अधिकारियों पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया. पार्टी का कहना है कि उनका मार्च शांतिपूर्ण होगा. इस बीच, गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पीटीआई को लामबंदी को आगे न बढ़ाने की चेतावनी दी और कहा कि सरकार विरोध प्रदर्शन के कारण इस्लामाबाद को ठप नहीं होने देगी. इस बीच तीनों बहनों की हिरासत के आदेशों को लाहौर हाईकोर्ट में भी चुनौती दी गई है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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