Afghanistan Pakistan War: अफगानिस्तान की सेना ने सईदुल्लाह नामक ISIS आतंकवादी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. वहीं पूछताछ में आतंकी ने पाकिस्तान में आतंकी प्रशिक्षण लेने की बात भी कबूली हैं. सईदुल्लाह ने अफगान सेना को बताया कि उसने तोरखम सीमा पार करके अफगानिस्तान में घुसपैठ की. वह मोहम्मद नामक फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करके अफगानिस्तान में घुसा था. इससे पहले उसने पाकिस्तान में आतंकवादी प्रशिक्षण लिया था. पाकिस्तान के क्वेटा क्षेत्र में उसे मेंटल और फिजिकल ट्रेनिंग दी गई थी.
अफगान-पाकिस्तान युद्धविराम जारी रहेगा
बता दें कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने युद्धविराम जारी रखने का फैसला किया है. तुर्की और कतर की मध्यस्थता में 25 से 30 अक्टूबर के बीच इस्तांबुल में हुई बैठक में समझौता हुआ कि 18 और 19 अक्टूबर को हुए युद्धविराम को आगे बढ़ाया जाए.
आगे की रूपरेखा 6 नवंबर 2025 को इस्तांबुल में ही बैठक में तय की जाएगी. इस बीच अफगानिस्तान में घुसपैठ करते आतंकी का वीडियो जारी किया गया है, जिसमें उसने कबूला कि वह मोहम्मद था, लेकिन मानसिक और शारीरिक रूप से प्रशिक्षित करके उसे आतंकवादी सईदुल्लाह बनाया गया.
खुलासे से पाकिस्तान पर फिर उठे सवाल
सईदुल्लाह के खुलास ने आतंकवादियों को पनाह देने और प्रशिक्षित करने में पाकिस्तान की भूमिका पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं. सैन्य विशेषज्ञ यूसुफ अमीन जजई कहते हैं कि अफगानिस्तान न तो आतंकवाद का स्रोत है और न ही केंद्र है. आतंकवादियों को पाकिस्तान में ही पनाह मिलती है, वहीं से फंडिंग होती है और वहीं से वे अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं.
पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे दावे झूठे हैं और पकड़े गए आतंकी के खुलासे से यह साबित हो गया है कि आतंकवादी प्रशिक्षण का केंद्र पाकिस्तान और उसकी सरकार है। ISIS लड़ाकों को कराची और इस्लामाबाद से बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में बने ट्रेनिंग कैंपों में शिफ्ट किया जा रहा है, जहां इन्हें अफगानिस्तान में हमले करने के लिए तैयार किया जाता है.