इजरायल और ईरान संघर्ष के बीच इजरायल के लिए नया संकट उत्पन्न होता दिख रहा है। इजरायल के खिलाफ अब 8 देश मुस्लिम देश इकठ्ठे होते दिख रहे हैं। पाकिस्तान समेत 8 मुस्लिम देशों ने गत सोमवार को एक संयुक्त बयान जारी किया। इसमें कब्जे वाले पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) में इज़रायल की लगातार विस्तारवादी नीतियों के खिलाफ सभी देशों ने कड़ी चेतावनी दी।
8 मुस्लिम देशों ने इजरायल पर अवैध तरीके से संप्रभुता थोपने, यहूदी बस्तियों के विस्तार और फिलिस्तीनी जनता को विस्थापित करने का आरोप लगाया है। बता दें कि संयुक्त बयान पर पाकिस्तान, मिस्र, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इंडोनेशिया, तुर्किये, सऊदी अरब और कतर के विदेश मंत्रियों के हस्ताक्षर हैं। संयुक्त बयान में बताया गया कि इजरायल के फैसले पश्चिमी तट को अवैध रूप से अपने में मिलाने की प्रक्रिया को बढ़ावा दे रहे हैं।
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बता दें कि हाल ही में इजरायल की सुरक्षा कैबिनेट ने कुछ कदमों को मंजूरी दी है। इससे पश्चिमी तट में यहूदी बसने वालों के लिए जमीन खरीदना आसान हो जाएगा। फिलिस्तीनियों पर इजरायली प्रशासन के प्रवर्तन अधिकार बढ़ जाएंगे। ऐसे समय में 8 देशों ने संयुक्त बयान जारी किया है। इजरायली मीडिया रिपोर्टों ने बताया कि कैबिनेट में दशकों पुराने उन नियमों को हटाने का भी फैसला किया गया है, जो यहूदी नागरिकों को निजी तौर पर पश्चिमी तट में जमीन खरीदने से रोकते थे।
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8 मुस्लिम देशों ने चेतावनी दी है कि इजरायल का कब्जे वाले फिलस्तीनी इलाकों पर कोई संप्रभु अधिकार नहीं है। पश्चिमी तट में अपनाई जा रही नीतियां क्षेत्र में हिंसा और संघर्ष को और भड़का रही हैं। संयुक्त बयान में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2334 का भी हवाला दिया गया है। इसमें साल 1967 के बाद कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाकों की जनसांख्यिकी, स्वरूप और स्थिति बदलने के किसी भी प्रयास की निंदा की गई है।