UK’s Largest Money Heist : बीते कुछ समय में चोरी और लूटपाट को लेकर ओटीटी और फिल्मों ने लोगों के फ्लेवर को काफी बदला है। चोर किस तरह से चोरी को अंजाम देते हैं यह जानने की उत्सुकता लोगों के अंदर बढ़ी है। मनी हाइस्ट जैसी सीरीज की बेहतरीन सफलता यही बताती है। आज हम आपको जिस चोरी की बारे में बताने जा रहे हैं वह किसी फिल्म या सीरीज की फिक्शनल स्टोरी नहीं बल्कि एक असल वाकया है। इस घटना को यूनाइटेड किंगडम (यूके) के इतिहास की सबसे बड़ी नकद लूट भी माना जाता है और यह घटना आज ही के दिन यानी 22 फरवरी को साल 2006 में हुई थी।
किस तरह वारदात को दिया अंजाम
इंग्लैंड के टोनब्रिज में साल 2006 में हुई चोरी यूके की सबसे बड़ी कैश हाइस्ट थी। इस दौरान सात अपराधियों ने करीब 53 मिलियन पाउंड (करीब 700 करोड़ रुपये) लूट लिए थे। लेकिन उन्हें 1600 करोड़ की राशि छोड़नी पड़ गई थी। इसकी वजह जानकर आपको हंसी भी आ सकती है। दरअसल, इतनी बड़ी मात्रा में कैश छोड़ने का कारण यह था कि उनके पास इतना पैसा ले जाने के लिए कोई साधन नहीं था। ऐसे में चोरों ने लालच में फंसकर पकड़े जाने की जगह उतनी राशि लेकर चलते बनने का फैसला किया जितना वह ले जा सकते थे। इस रिपोर्ट में जानिए चोरों ने किस तरह इस लूट को अंजाम दिया था।
लूटपाट से पहले की थी किड्नैपिंग
इस लूट की शुरुआत 21 फरवरी 2006 को एक किडनैपिंग के साथ हुई थी। इस दौरान सात अपराधियों ने टोनब्रिज में स्थित सिक्योरिटास डिपो को निशाना बनाया था। अपराधियों ने पहले डिपो की रेकी की और जानकारियां पाने के लिए अपना एक आदमी अंदर भेजा। इसके बाद उन्होंने यहां के मैनेजर और उसके परिवार का अपहरण कर लिया था। उसी रात वह इमारत में दाखिल हुए, उन्होंने 14 कर्मचारियों को बंदूक की नोक पर बंधक बनाया और 5 करोड़, 29 लाख 96 हजार 760 पाउंड (करीब 700 करोड़ रुपये) चुराए। उनके पास 1600 करोड़ का कैश और चुराने का मौका भी था।
किसलिए पीछे छोड़ दिया इतना कैश
लेकिन, इतना कैश ले जाने की समस्या को देखते हुए चोरों ने बाकी पैसा वहीं छोड़ने का फैसला किया। हालांकि, बाद में पुलिस ने जब जांच शुरू की तो उन्होंने अलग-अलग जगहों से चोरी किया कैश बरामद किया। इस मामले में साल 2007 तक 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। लंदन के ओल्ड बेली में साल 2007 में चले ट्रायल के दौरान इस मामले में 5 लोगों को दोषी करार दिया गया था। अपराधियों की पहचान छिपाने के लिए जिस महिला ने प्रॉस्थेटिक डिजाइन किए थे, उसने चोरों के खिलाफ सबूत के बदले छोड़ गिया गया था। चोरी हुई राशि में से करीब 265 करोड़ का कैश अभी भी नहीं मिल पाया है।
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