ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) का संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बन गया है. ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, यूएई, बहरीन, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया समेत 22 देशों ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी कर ईरान की कड़ी निंदा की. उन्होंने निहत्थे व्यापारिक जहाजों पर हमले, तेल-गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने और जलडमरूमध्य की वास्तविक बंदी को अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन बताया. इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का हवाला देते हुए ईरान से तुरंत धमकियां बंद करने, बारूदी खदानें हटाने, ड्रोन-मिसाइल हमले रोकने की मांग की.
दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?
दुनिया के 20 प्रतिशत तेल-गैस व्यापार का गेटवे होर्मुज से अब 95 प्रतिशत जहाजों के आवाजाही पर प्रभावित है. इससे तेल कीमतें आसमान छू रही हैं, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला चरमरा गई. 22 देशों ने सुरक्षित नौवहन बहाल करने के प्रयासों में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने IEA के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार जारी करने का स्वागत किया और कमजोर देशों को सहायता का वादा किया. बयान में यूएन समुद्री कानून संधि के तहत नौवहन स्वतंत्रता पर जोर दिया गया.
यह भी पढ़ें: क्या न्यूक्लियर साइट पर बनते हैं परमाणु बम? मिसाइल हमले से प्लांट को नुकसान हुआ तो क्या होगा
अमेरिका का बमबारी अभियान तेज
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर खुलासा किया कि युद्ध शुरू होने के बाद तीन सप्ताह में ईरान के 8,000 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए, जिनमें 130 ईरानी जहाज शामिल. उन्होंने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नौसेना का सबसे बड़ा विनाश बताया. ईरान की लड़ाकू क्षमता लगातार क्षीण हो रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगियों से स्ट्रेट सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की, लेकिन सीजफायर से इनकार किया.
यह भी पढ़ें: ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर बड़ा हमला, अमेरिका-इजरायल की जबरदस्त बमबारी
इन देशों ने थामा मोर्चा
संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में यूएई, बहरीन, यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. शुरुआत कुछ प्रमुख राष्ट्रों से हुई, बाद में संख्या 22 पहुंची. ईरान का दावा है कि केवल दुश्मन जहाज रोके जा रहे, लेकिन वाणिज्यिक ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित. खाड़ी में 22 भारतीय जहाज फंसे हैं और 611 चालक दल सदस्यों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है.
संबंधित खबरें
LIVE: दिल्ली की गफ्फार मार्केट में दुकान में लगी आग, 22 गाड़ियों ने बुझाई
2 hrs agoएलन मस्क को ₹7.53 लाख करोड़ का नुकसान; Top-10 अमीरों की लिस्ट में उलटफेर
2 hrs ago'सभी लोग होंगे खुश', रूस-यूक्रेन युद्ध पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा
2 hrs agoजंग रोकने के लिए हूती विद्रोहियों की 2 बड़ी शर्तें, 'धर्मसंकट' में सऊदी अरब
3 hrs agoपाकिस्तान में भयानक सड़क हादसा, बस और ट्रक की टक्कर में 11 लोगों की मौत
3 hrs agoइजरायल में नेतन्याहू की सत्ता पर संकट, अरब सांसदों ने दिया गादी को समर्थन
11 hrs agoकौन हैं कीशा लांस बॉटम्स, जो बनीं US इतिहास में पहली अश्वेत महिला गवर्नर?
14 hrs agoकेरल में जन्मीं नित्या वी रमन कैसे बनीं लॉस एंजिल्स की मेयर?
14 hrs agoबम की धमकियों के बाद यूरोप में कई उड़ानों की इमरजेंसी लैंडिंग
15 hrs agoट्रंप ने भारत पर निकाली हार की भड़ास! भारतीय कपल और 9 कंपनियों पर लगाया बैन
23 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines