हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

क्या 'होमुर्ज संकट' से मिलेगी राहत? ईरान के खिलाफ एकजुट हुए 22 देश, कहा- तुरंत खोल दो जलमार्ग

संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में यूएई, बहरीन, यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं.

विज्ञापन
होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही ठप हो गई है।

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) का संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बन गया है. ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, यूएई, बहरीन, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया समेत 22 देशों ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी कर ईरान की कड़ी निंदा की. उन्होंने निहत्थे व्यापारिक जहाजों पर हमले, तेल-गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने और जलडमरूमध्य की वास्तविक बंदी को अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन बताया. इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का हवाला देते हुए ईरान से तुरंत धमकियां बंद करने, बारूदी खदानें हटाने, ड्रोन-मिसाइल हमले रोकने की मांग की.

दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?


दुनिया के 20 प्रतिशत तेल-गैस व्यापार का गेटवे होर्मुज से अब 95 प्रतिशत जहाजों के आवाजाही पर प्रभावित है. इससे तेल कीमतें आसमान छू रही हैं, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला चरमरा गई. 22 देशों ने सुरक्षित नौवहन बहाल करने के प्रयासों में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने IEA के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार जारी करने का स्वागत किया और कमजोर देशों को सहायता का वादा किया. बयान में यूएन समुद्री कानून संधि के तहत नौवहन स्वतंत्रता पर जोर दिया गया.

यह भी पढ़ें: क्या न्यूक्लियर साइट पर बनते हैं परमाणु बम? मिसाइल हमले से प्लांट को नुकसान हुआ तो क्या होगा

विज्ञापन

अमेरिका का बमबारी अभियान तेज


उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर खुलासा किया कि युद्ध शुरू होने के बाद तीन सप्ताह में ईरान के 8,000 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए, जिनमें 130 ईरानी जहाज शामिल. उन्होंने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नौसेना का सबसे बड़ा विनाश बताया. ईरान की लड़ाकू क्षमता लगातार क्षीण हो रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगियों से स्ट्रेट सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की, लेकिन सीजफायर से इनकार किया.

यह भी पढ़ें: ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर बड़ा हमला, अमेरिका-इजरायल की जबरदस्त बमबारी
​

विज्ञापन

इन देशों ने थामा मोर्चा


संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में यूएई, बहरीन, यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. शुरुआत कुछ प्रमुख राष्ट्रों से हुई, बाद में संख्या 22 पहुंची. ईरान का दावा है कि केवल दुश्मन जहाज रोके जा रहे, लेकिन वाणिज्यिक ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित. खाड़ी में 22 भारतीय जहाज फंसे हैं और 611 चालक दल सदस्यों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola