ट्रंप के दोस्त' नेतन्याहू को तगड़ा झटका, गादी आइसेनकोट को नई सरकार बनाने का न्योता, जानें इजरायल में कैसे हुआ सत्ता परिवर्तन?

इजरायल में 19 साल बाद सत्ता परिवर्तन होने जा रहा है और बेंजामिन नेतन्याहू को तगड़ा झटका कहा जा रहा है, क्योंकि उनका 19 साल पुराना शासन खत्म हो जाएगा. गादी आइसेनकोट के नई सरकार बनाने का न्योता मिल गया है.

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इजरायल आम चुनाव की मतगणना के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अरब पार्टियों पर चुनाव 'चुराने' का बड़ा आरोप लगाया है. Creditt-ANI/AI

इजरायल की राजनीति में उथल-पुथल जारी है और बेंजामिन नेतन्याहू का तगड़ा झटका लगा है. 19 साल बाद उनके हाथ से प्रधानमंत्री की कुर्सी फिसल रही है. क्योंकि 27 अक्टूबर 2026 को संसदीय चुनाव में गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन को 48 सीटें मिली और इजरायल में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का बहुमत चाहिए. अरब पार्टियों ने आइसेनकोट गठबंधन को 19 सीटों का समर्थन दे दिया है तो अब गठबंधन के पास बहुमत यानी 67 सीटें हैं. इसके आधार पर इजरायल के राष्ट्रपति आइजक हरजोग ने आइसेनकोट गठबंधन को सरकार बनाने का न्योता दिया है, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया है. हालांकि नई सरकार का गठन कब तक होगा, क्लीयर नहीं हुआ है, लेकिन गादी आइसेनकोट का प्रधानमंत्री बनना तय हो गया है.

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अरब पार्टियों ने किन शर्तों पर दिया समर्थन?

मिली जानकारी के अनुसार, आइसेनकोट गठबंधन को अरब पार्टियों ने शर्तों पर समर्थन दिया. एक शर्त यह है कि इजरायल को यहूदी राष्ट्र माना जाएगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार देश को चलाया जाएगा. दूसरी शर्त यह है कि हमास को आतंकी संगठन माना जाए और उसकी सैन्य ताकत को खत्म किया जाएगा. तीसरी शर्त सेना में भर्ती के लिए नियम बदलेंगे. नागरिकों के अधिकारों के लिए तय आचार संहिता का पालन किया जाएगा. इन शर्तों पर सहमति बनने के बाद अरब पार्टियों के नेता राष्ट्रपति हरजोग के पास गए और उन्हें आइसेनकोट गठबंधन को समर्थन का लेटर सौंपा. अरब पार्टियों में हदाश, ताल, बलद हैं. वहीं राएम ने अरब पार्टियों के गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ा था. लेकिन अरब पार्टियों ने नेतन्याहू का युग खत्म कर दिया.

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नेतन्याहू का 19 साल का सफर कैसा रहा?

बता दें कि बेंजामिन नेतन्याहू पहले साल 2009 से 2021 तक लगातार 12 साल इजरायल के प्रधानमंत्री रहे. साल 2021 में गठबंधन टूटने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री पद की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी, लेकिन दिसंबर 2022 में वे फिर से प्रधानमंत् बन गए और तब से साल 2026 तक प्रधानमंत्री बने हुए हैं. हालांकि इस बार नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 27 सीटें मिली और लिकुड पार्टी के समर्थन वाले गठबंधन को 53 सीटें मिलीं, लेकिन गठबंधन को बहुमत नहीं मिला, जबकि 120 सीटों वाली नेसेट यानी संसद पर राज करने के लिए 61 सीटों का बहुमत चाहिए. गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन को 48 सीटें मिलीं और अरब पार्टियों ने 19 सीटों का समर्थन दिया. इस आधार पर ही राष्ट्रपति ने आइसेनकोट को सरकार बनाने का न्योता दिया.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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