
महिलाओं को बचाने वाला वो कानून...जो बन गया पुरुषों के खिलाफ 'हथियार', जानें क्या है Section 498A?
Edited By Shabnaz

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Video: इंजीनियर अतुल सुभाष सुसाइड केस के बाद घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के कानून का कथित दुरुपयोग को लेकर बहस छिड़ गई है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर को एक मामले की सुनवाई के दौरान IPC की धारा 498A (जो भारतीय न्याय संहिता का धारा 85 हो चुकी है) पर चिंता जताई है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कानून के दुरुपयोग पर भी चिंता का जताई। आपको बता दें कि 498A को लागू किए जाने का उद्देश्य महिलाओं पर ससुराल वाले के द्वारा की जाने वाली क्रूरता को रोकना है।
कोर्ट ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए इस कानून को लाया गया, लेकिन हाल के दिनों में इसका दुरुपयोग किया गया है। इसका इस्तेमाल व्यक्तिगत बदला लेने के लिए किया गया है। कोर्ट ने आगे कहा कि अगर वैवाहिक विवादों के दौरान अस्पष्ट और सामान्य आरोपों की जांच नहीं की जाती है तो कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। जिससे पत्नी और उसके परिवार के दबाव डालने की रणनीति को भी बढ़ावा मिलेगा। इस वीडियो में जानिए धारा 85 और 86 में क्या अंतर है?
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