पूरे देश में हजारों बच्चे ऐसे हैं जो बिना किसी परिवार के बड़े होते हैं. वहीं, हजारों बच्चे स्पेशल नीड्स के साथ जीते हैं और ज़िंदगी भर किसी अपने के प्यार और सहारे का इंतज़ार करते रह जाते हैं. ऐसे बच्चों की जीवनभर देखभाल के स्थायी समाधान के रूप में ‘नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय’ की शुरुआत हुई है. महाराष्ट्र में कर्जत के पास सह्याद्रि की खूबसूरत पहाड़ियों में 100 एकड़ ज़मीन पर यह विशेष टाउनशिप तैयार की जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को जीवनभर का सुरक्षित घर और परिवार देना है, जिनका कोई सहारा नहीं है. इस पूरे परिसर को एक संवेदनशील और जीवंत कस्बे की तरह डिज़ाइन किया गया है, जहां हर व्यक्ति एक दोस्त, पड़ोसी और परिवार के रूप में साथ रहेगा.
सुलभ, सुरक्षित और बाधा-रहित परिसर
टाउनशिप के बुनियादी ढांचे को हर बच्चे की सुविधा के अनुसार तैयार किया गया है:
- स्टेप-फ्री और छायादार रास्ते: परिसर के सभी मार्ग समतल, छायादार और बिना सीढ़ियों वाले (स्टेप-फ्री) हैं, जिससे व्हीलचेयर या चलने-फिरने में कोई दिक्कत न आए. केंद्र से हर सुविधा कुछ ही कदमों की दूरी पर है.
- कवर्ड वॉकवे: मौसम चाहे भारी बारिश का हो या तेज धूप का, ढके हुए रास्ते (कवर्ड वॉकवे) बच्चों की आवाजाही को हमेशा आसान बनाए रखेंगे.
आस्था का केंद्र श्री गणेश मंदिर
टाउनशिप के केंद्र में विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का भव्य मंदिर बनाया गया है. मंदिर तक सुगम पहुंच के लिए रैंप और चौड़ा परिक्रमा पथ दिया गया है, ताकि हर निवासी बिना रुकावट दर्शन कर सके और अपने दिन की शुरुआत प्रभु के आशीर्वाद के साथ करे.
नदियों के नाम पर बसे गांव और पारिवारिक माहौल
मंदिर के आसपास छोटे-छोटे आवासीय गांव बनाए गए हैं, जिनका नाम भारत की पवित्र नदियों पर रखा गया है. बच्चों की पहचान और आसानी के लिए हर गांव का एक खास रंग और प्रतीक चिह्न तय किया गया है. यहां के घर पूरी तरह पारिवारिक माहौल वाले होंगे, जहां समर्पित हाउस पैरेंट्स मौजूद रहेंगे. हर घर में अपनी रसोई और प्रत्येक निवासी का अपना कमरा होगा. इसके अलावा, हर गांव के पास अपनी खुली हरियाली, क्लिनिक और सेंसरी गार्डन जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी.
स्वास्थ्य, पुनर्वास और खेल सुविधाएं
नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय’ परिसर में हर निवासी की देखभाल चौबीसों घंटे सुनिश्चित करने के लिए एक पूर्ण अस्पताल और पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया है. यहां प्रत्येक व्यक्ति की जरूरत के मुताबिक दवा, आधुनिक थेरेपी और सहायक तकनीक एक साथ उपलब्ध कराई जाएंगी.
शारीरिक और मानसिक विकास के लिए परिसर में विशाल हरित पार्क, रनिंग ट्रैक, स्विमिंग पूल और इनडोर एरिना से लैस एक बड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी तैयार किया गया है, ताकि खेल-कूद और एक्टिविटीज़ जीवन का अहम हिस्सा बन सकें.
स्वावलंबन और खुद की कमाई के अवसर
‘अनंत आश्रय’ में रहने वालों को किसी पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए रोजगार और हुनर की खास व्यवस्था की गई है. परिसर में ऑर्गेनिक फार्म और फलों के बगीचे विकसित किए गए हैं. इसके साथ ही एक समर्पित मार्केट स्ट्रीट बनाई गई है, जहां निवासी अपनी क्षमता के अनुसार काम कर सकेंगे और अपनी मेहनत की कमाई से आत्मनिर्भर बन सकेंगे.
सांस्कृतिक जुड़ाव और सामुदायिक जीवन
सामाजिक और मानसिक खुशहाली को बढ़ावा देने के लिए एक खुला एम्फीथिएटर, झील के किनारे बना शांत योग पवेलियन और पूरे कस्बे के लिए एक बड़ा उत्सव मैदान बनाया गया है, जहां सभी मिलकर त्योहार और खुशियां मनाएंगे. ‘अनंत आश्रय’ का मूल उद्देश्य ऐसी सहानुभूतिपूर्ण देखभाल देना है जो जीवनभर बनी रहे. यह एक ऐसा सुरक्षित आशियाना है जहां हर बच्चे का अपना वजूद है, हर जीवन अनमोल है और हर कोई एक ही परिवार का हिस्सा है.