5 दिन हो गए हैं और नेपाल की तबाही अब तक थमी नहीं है. इसी बीच यह कहा जा रहा है कि नेपाल जैसी बाढ़ एक और बार आ सकती है. अब सवाल है कि क्या भारत पर भी खतरा मंडरा रहा है. नेपाल में मौत का आंकड़ा 780 के ऊपर जा चुका है, 2500 लोग अभी भी लापता हैं. जिसमें से भारतीयों की संख्या बहुत ज्यादा है. सवाल यह है क्या तबाही का मंजर अभी खत्म नहीं हुआ है? क्या ऐसी और तबाही आने वाली है? क्योंकि अभी जो नई जानकारी मिल रही है उसके हिसाब से भोटेकोशी नदी में फिर से एक बार जलस्तर बढ़ रहा है और इस पर अलर्ट जारी हो चुका है. नेपाल के बाद अब भारत में भी खतरा है. उत्तराखंड में बाढ़ का खतरा है, अलर्ट जारी हो गया है. जितने भी पहाड़ी और नदी वाले इलाके हैं, संकट में है. भीलगंगा घाटी के ग्लेशियर, खतलिंग ग्लेशियर 5.33 कि.मी. पीछे खिसक चुका है. नेपाल में त्रिशुली नदी का पानी तेजी से भारत की नारायणी नदी के रास्ते गंडक नदी से पहुंच रहा है और वाल्मीकि नगर गंडक बैराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़ चुका है. सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं यहां पर यूपी में भी खतरा है. महाराजगंज जिले के क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ चुका है. लगातार वहां पर टीम्स को तैनात कर दिया गया है. अलर्ट जारी कर दिया गया है. यूपी के हिमालय के जितने भी नदियों वाले इलाके हैं वहां पर खतरा है.