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चुनाव के रोचक किस्से: जब दूध बेचने वाले ने भीमराव अंबेडकर को हराया

Jawaharlal Nehru Vs B. R. Ambedkar: आजाद भारत के पहले चुनाव 1951-52 में करवाए गए। उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू की अगुवाई में कांग्रेस चुनावी मैदान में थी। वहीं दूसरी तरफ, भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और अनुसूचित जाति महासंघ को मजबूत करने निकल पड़े। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि अंबेडकर की हार नेहरू की वजह से हुई थी?

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आजादी के बाद 1951-52 में देश के पहले चुनाव हुए। पंडित जवाहरलाल नेहरू की अगुवाई में कांग्रेस चुनावी मैदान में थी, जबकि नेहरू के कई पुराने साथी चुनाव में कांग्रेस के दुश्मन बन चुके थे। इन नामों में उस जमाने के दिग्गज वकील और नेहरू की अंतरिम सरकार में मंत्री रहे अंबेडकर भी थे, जिन्होंने भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन देश के पहले चुनाव से पहले मतभेद की वजह से अंबेडकर ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और अनुसूचित जाति महासंघ को मजबूत करने का फैसला लिया।

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