Dalit politics UP

BSP के हाशिए पर जाने से कितनी बदली UP की दलित राजनीति?

अंबेडकर जयंती से एक दिन पहले बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश को माफ कर दिया। यूपी की राजनीति में दलित वोट बैंक बड़ी भूमिका निभाता है। बीजेपी और सपा लगातार दलितों को रिझाने की कोशिश में जुटे हैं।

मायावती ने अंबेडकर जयंती से एक दिन पहले बड़ा फैसला लेते हुए भतीजे आकाश आनंद को माफ कर दिया। ऐसे में पॉलिटिकल पंडित उनके इस फैसले का लेकर सवाल उठा रहे हैं। क्या मायावती ने दलित वोट बैंक खिसकने के डर से भतीजे की पुनः पार्टी में वापसी कराई है। ऐसे में यूपी की राजनीति में हाशिए पर जा चुकी मायावती के वोट बैंक पर बीजेपी और सपा हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में आइये जानते हैं इस मामले पर क्या कहते हैं वरिष्ठ पत्रकार?

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न्यूज24 के वरिष्ठ पत्रकार राजीव रंजन ने कहा कि आकाश आनंद के पार्टी में वापसी की पटकथा बहुत पहले ही लिख दी गई थी जब उन्होंने ऐलान किया था कि अंबेडकर जयंती पर पार्टी के सभी नेता अपने-अपने परिवारजनों के साथ पार्टी के ऑफिस जाएंगे और अंबेडकर जयंती पर होने वाले कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। समय के बाद मायावती की राजनीतिक ताकत जरूर कम हुई है लेकिन यूपी में मायावती पूरी तरह नकार दी गई है ये बात कहना भी ठीक नहीं होगा।

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