Angarak Yog: मंगल ग्रह को पापी और उग्र ग्रह माना जाता है. मंगल क्रोध और पराक्रम का कारक ग्रह होता है. इसी कारण अगर कोई मंगली लड़का या मंगली लड़की है तो वह बिना मंगली लड़के या बिना मंगली लड़की के लिए सही नहीं होते हैं. मंगल ग्रह के कारण अंगारक योग होता है. सूर्य मंगल के साथ हो मंगल राहु के साथ हो तो यह अंगारक योग होता है.

अगर मंगल सातवें भाव में हो और साथ ही पापी ग्रहों के साथ हो तो व्यक्ति सुखी वैवाहिक जीवन के लिए तरस जाता है. मंगल के साथ सूर्य और मंगल अस्त है तो ऐसे लोगों का वैवाहिक जीवन अच्छा होता है. मंगल के अस्त होने से इसका अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता है. सातवें भाव में मंगल होने से रिश्ते निभाने में मुश्किलें होती हैं. इन लोगों के जीवन से सुख-शांति छिन जाती है. पति-पत्नी का रिश्ता टूटने की नौबत तक आ जाती है. इसके बारे में अधिक जानने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देख सकते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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