बाढ़ से तबाह होने वाला मनाली-लेह हाइवे फिर खुला,लद्दाख रोड ट्रिप करने से पहले जरूर पढ़े ये अपडेट्स

अगर आप इस मौसम में लद्दाख रोड ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो आपके ये बड़ी खुशखबरी है. दरअसल मनाली-लेह हाइवे एक बार फिर खुल गया है. ये पिछले साल भारी बारिश की वजह से बंद हो गया था. हालांकि इस साल भी मौसम खराब हो सकता है, इसलिए थोड़ी सावधानी जरूर बरतें.

LEH.jpg

AI Generated Image

मुख्य बिंदु

विज्ञापन
  • अचानक आई बाढ़ के कारण बंद होने के बाद मनाली-लेह हाईवे फिर से खुल गया है.
  • BRO ने ट्रैफिक बहाल करने के लिए जाहलमा और जिस्पा के पास मलबा हटाया.
  • सेफ्टी को देखते हुए ज्यादातर गाड़ियां कंट्रोल काफिले में चल रही हैं.
  • ट्रैवलर्स को ज़िंगज़िंग बार और बारालाचा ला पर सतर्क रहना चाहिए.
  • जल्दी निकलने और मौसम के रेगुलर अपडेट्स लेने की पुरजोर सलाह दी जाती है.

Manali–Leh Highway Reopens: साल 2025 में अचानक आई बाढ़ की वजह से मनाली-लेह हाईवे के कई हिस्से कुछ समय के लिए बंद हो गए थे, लेकिन अब इसे ट्रैफिक के लिए फिर से खोल दिया गया है. बहाली टीमों ने कीचड़, पत्थर और मलबा हटाने के लिए लगातार काम किया, जिससे फंसी हुई गाड़ियां अपनी यात्रा फिर से शुरू कर सकीं. हाईवे के खुलने से गर्मियों के बिजी सीजन में लद्दाख जाने वाले पर्यटकों, बाइकर्स और ट्रांसपोर्टरों को राहत मिली है.

विज्ञापन

फिसलन वाली सड़कों पर बरतें सावधानी

बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन ने भारी मशीनों का इस्तेमाल करके जाहलमा और जिस्पा के प्रभावित इलाकों के पास ट्रैफिक की आवाजाही को बहाल किया. हालांकि सड़क अब खुल गई है, लेकिन जिन हिस्सों में सड़क की स्थिति फिसलन भरी और अस्थिर है, वहां सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गाड़ियों को नियंत्रित काफिले में चलने की अनुमति दी जा रही है. ट्रैफिक जाम से बचने के लिए पुलिसकर्मी भी ट्रैफिक पर नजर रख रहे हैं.

इन इलाकों में रखें खास ख्याल

ट्रैवलर्स को ज़िंगज़िंग बार और बारालाचा ला जैसी ज़्यादा ऊंचाई वाली जगहों से गुज़रते समय सावधान रहना चाहिए, क्योंकि वहां मौसम अचानक बदल सकता है. गर्मियों में भी इन पहाड़ी दर्रों में बर्फबारी, कीचड़ या कम विजिबिलिटी की स्थिति हो सकती है. हालांकि अटल टनल खुली है और तेज रास्ता देती है, लेकिन भारी ट्रैफिक और संकरे रास्तों के कारण वाहन चालकों को सावधानी से गाड़ी चलानी चाहिए.

विज्ञापन

सुबह जल्दी शुरू करें सफर

एक्सपर्ट्स ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वो अपनी जर्नी सुबह जल्दी शुरू करें ताकि दिन में पानी का लेवल बढ़ने से पहले नदी की धाराओं को पार किया जा सके. पर्याप्त फ्यूल, गर्म कपड़े, पीने का पानी और पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर साथ रखने की सलाह दी जाती है, खासकर उन लोगों के लिए जो ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में सफर कर रहे हैं.

इमरजेंसी सर्विसेज का इंतेजाम

मौसम के हालात अचानक खराब होने पर सिसू, केलोंग और जिस्पा जैसे लोकप्रिय पड़ाव रहने की जगह और इमरजेंसी सर्विसेज देते हैं. यात्रियों को ये भी सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले हिमाचल प्रदेश पुलिस और स्थानीय अधिकारियों की तरफ से जारी अपडेट्स को फॉलो करें.

विज्ञापन

मौसम पर भी रखें नजर

हालांकि हाईवे फिर से खुल गया है, लेकिन हिमालय में मौसम तेजी से बदल सकता है. केयरफुल प्लानिंग, फ्लेक्सिबल शेड्यूल और जिम्मेदारी से गाड़ी चलाने से भारत के सबसे खूबसूरत पहाड़ी रास्तों में से एक से सुरक्षित और सुखद यात्रा एनश्योर करने में मदद मिलेगी.

निष्कर्ष

इस मौसम में लद्दाख जाने वाले यात्रियों के लिए मनाली-लेह हाईवे का फिर से खुलना अच्छी खबर है. हालांकि, हिमालय के अप्रत्याशित मौसम को देखते हुए अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है. सरकारी ट्रैवल एडवाइजरी का पालन करना, जल्दी यात्रा शुरू करना और जरूरी सामान साथ रखना एक आसान और सेफ जर्नी एनश्योर करने में मदद कर सकता है. सही प्लानिंग और जिम्मेदारी से गाड़ी चलाना ही इस शानदार पहाड़ी रास्ते का लुत्फ लेने का सबसे अच्छा तरीका है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ