Indian Railways Cleanliness Rules: भारतीय रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे कैंपस में साफ-सफाई बरकरार रखने के लिए नियमों को और सख्त किया है. अब ट्रेन, प्लेटफॉर्म या स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाने समेत कई तरह की एक्टिविटीज पर पैसेंजर्स की जेब ज्यादा ढीली हो सकती है. रेलवे की तरफ से निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसका मकसद यात्रियों को सार्वजनिक जगहों की साफ-सफाई के प्रति ज्यादा जिम्मेदार बनाना है.
कचरा फेंकना पड़ेगा भारी
रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म या ट्रेन के अंदर कचरा इधर-उधर फेंकना या उसे निर्धारित स्थान के अलावा कहीं छोड़ना नियमों का उल्लंघन माना जाता है. मसलन, जर्नी के दौरान खाने के पैकेट, प्लास्टिक की बोतल, कप या दूसरे सामान का कचरा सीट के नीचे या कोच में छोड़ने पर कार्रवाई हो सकती है. पैसेंजर्स को कचरा सिर्फ डस्टबिन या वेस्ट डिस्पोजल प्वाइंट पर ही डालने की सलाह दी जाती है. रेलवे का मानना है कि इस तरह के नियमों से ट्रेनों और स्टेशनों में साफ-सफाई बनाए रखने में मदद मिलेगी.
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थूकने पर भी कार्रवाई
रेलवे के सफाई से जुड़े नियमों के तहत पब्लिक प्लेस पर थूकने को भी गंभीरता से लिया जा रहा है. ट्रेन या रेलवे परिसर में प्रतिबंधित जगहो पर थूकने पर जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा रेलवे कैंपस में कपड़े, बर्तन या गाड़ियों को धोने जैसी एक्टिविटीज भी नियमों के दायरे में आती हैं. पैसेंजर्स से अपील की जाती है कि वो रेलवे की फैसिलिटीज का इस्तेमाल तय नियमों के मुताबिक करें.
जानवरों को खाना खिलाने पर भी रोक
रेलवे कैंपस में निर्धारित स्थान के अलावा जानवरों या पक्षियों को खाना खिलाने की गतिविधि पर भी कार्रवाई हो सकती है. खासकर ऐसी जगहों पर जहां इससे गंदगी फैलने या दूसरे मुसाफिरों को परेशानी होने की आशंका हो, पैसेंजर्स को ऐसा करने से बचने की सलाह दी गई है.
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पोस्टर चिपकाना या लिखना भी अपराध
ट्रेन के कोच, स्टेशन या रेलवे की दूसरी संपत्तियों पर बिना इजाजत पोस्टर चिपकाना, कुछ लिखना, नारे दर्ज करना या तस्वीर बनाना भी नियमों के खिलाफ है. रेलवे की संपत्ति को गंदा करने या नुकसान पहुंचाने वाली ऐसी एक्टिविटीज पर फाइन लगाया जा सकता है.
जुर्माना नहीं दिया तो क्या होगा?
अगर नियम तोड़ने के बाद लगाया गया फाइन नहीं पे किया जाता है, तो मामला अदालत तक पहुंच सकता है. ऐसी हालात में कोर्ट 2000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकती है. इसलिए पैसेंजर्स के लिए जरूरी है कि वो रेलवे के नियमों का पालन करें और जुर्माने लगे तो उसे नजरअंदाज न करें.
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