कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने करोड़ों खाताधारकों को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है. ईपीएफओ की ऑनलाइन सेवाओं को हाई-टेक बनाते हुए अब यूपीआई पेमेंट गेटवे के जरिए पीएफ निकासी की सुविधा शुरू होने वाली है. इसके लिए विभाग इस साल अप्रैल में एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा. इस नई सुविधा के आने से कर्मचारियों को अपने बैंक खाते में पीएफ की राशि ट्रांसफर करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे तत्काल पैसा निकाल सकेंगे.
ईपीएफओ 3.0 और ट्रायल की शुरुआत
ईपीएफओ के सुधारों के तीसरे चरण यानी 'ईपीएफओ 3.0' के साथ ही यह सेवा पूरी तरह सक्रिय हो जाएगी. श्रम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इस नए मोबाइल ऐप और यूपीआई सिस्टम का ट्रायल पहले ही शुरू किया जा चुका है. वर्तमान में 100 से अधिक डमी खातों के माध्यम से इस तकनीक को परखा जा रहा है ताकि अप्रैल में लॉन्चिंग के समय कोई तकनीकी खामी न रहे. यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित होगा.
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: Railway New Rule: भारतीय रेलवे ने नियमों में किए बदलाव, अब यात्रियों को करना होगा ये काम
---विज्ञापन---
पैसे निकालने की सीमा और नए नियम
यूपीआई से निकासी की सुविधा मिलने के बाद भी कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होगा. नए लेबर कोड के नियमों के तहत ईपीएफ खाते की कुल राशि का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा फ्रीज रखा जाएगा. खाताधारक केवल बाकी बची राशि में से ही अपनी जरूरत के हिसाब से पैसे निकाल पाएंगे. नए मोबाइल ऐप में केवल निकासी ही नहीं बल्कि पासबुक बैलेंस देखने और अन्य जरूरी सेवाओं का लाभ उठाने की सुविधा भी मिलेगी.
पुरानी सेवाएं भी रहेंगी जारी
नया मोबाइल ऐप आने के बाद भी वर्तमान में चल रही यूएएन नंबर और उमंग पोर्टल की सेवाएं बंद नहीं होंगी. अभी पीएफ निकालने की प्रक्रिया में काफी समय लगता है, हालांकि ऑटो सेटलमेंट मोड में आवेदन के तीन दिनों के भीतर निपटान हो जाता है. हाल ही में ईपीएफओ ने ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दिया है. मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक ईपीएफओ हर साल पांच करोड़ से ज्यादा दावों का भुगतान करता है.