8th Pay Commission Latest update: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है. वेतन आयोग अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने के लिए लगातार बैठकें कर रहा है. इसी बीच कर्मचारी संगठनों ने वेतन आयोग के सामने एक बड़ी मांग रखी है, जिसमें कर्मचारियों के सालाना इंक्रीमेंट को मौजूदा 3% से बढ़ाकर सीधे 6% तक करने का प्रस्ताव दिया गया है.
8वां वेतन आयोग 31 अगस्त और 1 सितंबर को जयपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है. यदि वेतन आयोग इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और भविष्य की पेंशन में जबरदस्त इजाफा देखने को मिलेगा.

मौजूदा 3% इंक्रीमेंट से खुश नहीं हैं कर्मचारी

वर्तमान व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हर साल उनकी बेसिक सैलरी (मूल वेतन) पर केवल 3% का इंक्रीमेंट मिलता है. कर्मचारी संगठनों का साफ कहना है कि मौजूदा महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह 3 फीसदी की बढ़ोतरी नाकाफी है. निजी क्षेत्र की तुलना में सरकारी कर्मचारियों की यह वार्षिक बढ़ोतरी काफी कम है.

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प्रमुख संगठनों ने सौंपा प्रस्ताव

  • भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS): संगठन ने 8वें वेतन आयोग को सौंपे अपने ड्राफ्ट मेमोरेंडम में सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग की है.
  • नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NCJCM): स्टाफ पक्ष ने भी 6% इंक्रीमेंट के प्रस्ताव का समर्थन किया है.
  • मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन (MSA): सर्वे ऑफ इंडिया और DST के क्लर्क कैडर का प्रतिनिधित्व करने वाले इस संगठन ने प्रस्ताव दिया है कि लंबे समय तक एक ही पद पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कम से कम 5% सालाना इंक्रीमेंट तय किया जाए.

DA और इंक्रीमेंट में अंतर समझना जरूरी

कर्मचारी संगठनों ने यह स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ता (DA) सिर्फ बढ़ती महंगाई से निपटने और खरीदारी क्षमता बनाए रखने के लिए होता है. वहीं, सालाना इंक्रीमेंट कर्मचारी के काम के अनुभव, सेवा अवधि और वास्तविक वेतन में वृद्धि से जुड़ा होता है.

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