उत्तर प्रदेश में बदायूं जिले में एक महिला जज का शव सरकारी आवास से बरामद हुआ है। कहा जा रहा है कि जज ने आत्महत्या की है। शनिवार को जब वह अपने ऑफिस नहीं पहुंचीं तो ऑफिस से कुछ लोग घर आए। दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को इसकी सूचना दी। गौरतलब है कि इससे पहले एक महिला जज ने सिस्टम से परेशान होकर खुदखुशी करने की आज्ञा मांगी थी।
महिला जज का नाम ज्योत्सना राय बताया जा रहा है जो मऊ जनपद की रहने वाली थीं। 29 साल की ज्योत्सना बदायूं जनपद में जूनियर डिवीजन मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थीं। इससे पहले उनकी तैनाती अयोध्या जिले में थी । अब जज की आत्महत्या की खबर सुनकर हर कोई हैरत में है और सवाल उठा रहा है।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
एक शख्स ने लिखा कि सिस्टम से परेशान होकर एक जज ने सुसाइड करने की अनुमति मांगी थी और अब एक जज ने सुसाइड कर लिया, आखिर देश किस तरफ जा रहा है? एक ने लिखा कि बच्चे सुसाइड कर रहे हैं, किसान जान दे रहे हैं, अब तो जज भी आत्महत्या कर रहे हैं और सरकार और संस्थाएं बस हाथ पर हाथ धरे बैठी हुईं हैं।
एक ने लिखा कि महिला जज ज्योत्सना राय ने अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। जिले के बड़े अफसरान मौके पर हैं! अब तो छात्र, अफसर, यहां तक की जज भी आत्महत्या कर रहे हैं। ये चिंता का विषय है। एक ने लिखा कि जज की आत्महत्या वाकई बेहद चिंताजनक है, इस दिशा में कदम उठाकर लोगों को समझने की कोशिश की जानी चाहिए।
मिली जानकारी के मुताबिक, जज से संपर्क न होने पर कर्मचारी घर पहुंचे। दरवाजा ना खुलने पर पुलिस को सूचना दी गई। दरवाजा तोड़ा गया तो पंखे से जज का शव लटकता हुआ मिला। बताया जा रहा है कि घर में से कुछ कागजात भी मिले हैं। हालांकि इसमें क्या है, इसकी जानकरी सामने नहीं आई है।