सबसे ज्यादा किस जानवर का मांस खाते हैं अफगानिस्तान के सैनिक? सबका फेवरेट है ये नॉनवेज डिश

अफगानिस्तान अपनी प्राचीन विरासत, मेहमाननवाजी और समृद्ध खानपान संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां भोजन का जायका देसी मसालों, धीमी आंच पर पकने वाले मांस और सुगंधित चावल से बनता है.

Afghan Army Food

Afghan Army Food: दुनियाभर में मांसाहार खाने वाले लोगों की संख्या करोड़ों में नहीं बल्कि अरबों में है. अलग-अलग देशों में तरह-तरह के नॉनवेज डिश फेमस होते हैं और भौगोलिक स्थिति के अनुसार वहां पाए जाने वाले जानवरों का मांस खाया जाता है. अफगानिस्तान जैसे देश में जहां का ज्यादातर इलाका बंजर है, वहां की एक बड़ी आबादी मांसाहार खाने पर ही निर्भर है. ऊबड़-खाबड़ पहाड़ों और रेगिस्तानों के बीच बसा यह देश जितना खूबसूरत है, उतनी ही दिलचस्प यहां की पाक परंपराएं भी हैं.

विज्ञापन

‘खुदा का दोस्त’ होता है मेहमान


अफगानिस्तान अपनी प्राचीन विरासत, मेहमाननवाजी और समृद्ध खानपान संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां भोजन का जायका देसी मसालों, धीमी आंच पर पकने वाले मांस और सुगंधित चावल से बनता है. अफगान लोग अपनी मेहमाननवाजी के लिए जाने जाते हैं, वे मेहमान को ‘खुदा का दोस्त’ मानते हैं. जब कोई घर आता है, तो उसे घर का सबसे बढ़िया खाना पेश किया जाता है.

विज्ञापन

सबसे ज्यादा कौन सा मांस खाते हैं अफगानी?


अगर आपके मन में भी ऐसा सवाल उठता है कि अफगानिस्तान में सबसे ज्यादा किस जानवर का मांस खाया जाता है, तो जवाब है भेड़ का मांस (लैम्ब या मटन). यह अफगान डाइट की रीढ़ है. चाहे शाही दावत हो या रोजाना का खाना, मटन हर जगह दिखाई देता है. भेड़-बकरियों का पालन यहां व्यापक रूप से होता है, इसलिए यह मांस सांस्कृतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से अहम है.

विज्ञापन

भेड़ के बिना अधूरा है काबुली पुलाव


वहीं, ठंडे मौसम और पहाड़ी इलाकों के कारण लैम्ब और मटन ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत भी माने जाते हैं. अफगानिस्तान की सबसे फेवरेट डिश काबुली पुलाव, भेड़ के मांस के बिना अधूरा माना जाता है. बासमती चावल, किशमिश, गाजर और मुलायम मटन के संग यह पकवान देश की शान कहलाता है. इसके अलावा सीक कबाब, कोरमा, और मटन स्ट्यू जैसे पकवान भी अफगान खानपान की पहचान बन चुके हैं.

विज्ञापन

अफगानी सैनिकों का पसंदीदा भी मटन


दिलचस्प बात यह है कि अफगानिस्तान के सैनिकों का पसंदीदा भोजन भी भेड़ का मांस ही है. पहाड़ी इलाकों में तैनात सैनिकों को हाई प्रोटीन और ऊर्जा वाले भोजन की जरूरत होती है, और मटन उस जरूरत को पूरी तरह पूरा करता है. अक्सर सैनिक कैंटीनों में मटन पुलाव, सूप और कबाब रोजाना के मेन्यू का हिस्सा होते हैं.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ