पाकिस्तान का करीबी दोस्त तुर्किए इन दिनों बड़ी प्राकृतिक विपत्ति झेल रहा है, जिसका नजारा देख वैज्ञानिक भी हैरान हैं. सोशल मीडिया पर तुर्किए से कई तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें बड़े-बड़े गड्ढों को देखा जा सकता है. ये गड्ढे इतने बड़े है कि फुटबॉल-क्रिकेट ग्राउंड भी इसके आगे छोटे पड़ जाएं. तुर्किए में अचानक से इतने बड़े गड्ढे कैसे बन गए, इनकी संख्या भी एक-दो नहीं बल्कि सैकड़ों में है. बताजा रहा है कि तुर्किए के कई इलाकों में ऐसे 700 गड्ढे पाए गए हैं.
इन गड्ढों को क्यों कहा जाता है ‘ओब्रुक’?
तुर्की के मध्य इलाके कोन्या प्लेन में इन गड्ढों की बड़ी तादाद ने सबको परेशान कर दिया है. इन गड्ढों को स्थानीय लोग ‘ओब्रुक’ कहते हैं, यानी ऐसे सिंकहोल जो खेत, सड़कें और बस्तियों को निगल रहे हैं. दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, कोन्या, करमान और अक्सराय इलाकों में अब तक करीब 700 ओब्रुक दर्ज किए गए हैं, जिनमें से अकेले करापिनार जिले में लगभग 534 हैं. कोन्या को तुर्की का ‘ग्रेन बाउल’ यानी अनाज की टोकरी कहा जाता है, जहां देश का 36% गेहूं और 35% चुकंदर पैदा होता है. लेकिन अब किसान डर के साए में जी रहे हैं.
यह भी पढ़ें: 53,442 रुपए करोड़ की नेट वर्थ वाले भारतीय अरबपति दुबई में बस में सफर करते दिखे, ड्राइवर से पूछा- कैसे हो?
क्यों बन रहे ये विशाल गड्ढे?
जिन खेतों में कभी ट्रैक्टर चलाने का शौक था, वहीं अब हर मोड़ पर यह खौफ है कि कहीं जमीन अचानक न धंस जाए. कई किसानों को अपने खेत छोड़ने पड़े हैं. कुछ जगह तो दो-दो ओब्रुक एक ही खेत में बन गए हैं. एक्सपर्ट्स का मानता है कि इतने बड़े पैमाने पर ओब्रुक बनने की सबसे बड़ी वजह लंबे समय से चल रहा सूखा और भूजल का गिरता स्तर है. कोन्या प्लेन कार्स्ट क्षेत्र में आता है, जहां जमीन के नीचे चूना पत्थर की परतें हैं. ये पानी में आसानी से घुल जाती हैं. जब भूजल का स्तर नीचे चला जाता है, तो ऊपर की मिट्टी अपना सहारा खो देती है और अचानक ढह जाती है, नतीजन धरती में ये विशाल गड्ढे बन जाते हैं.
नासा ने दी चेतावनी
नासा की रिपोर्ट बताती है कि 2021 में यहां के जलाशय 15 साल के सबसे निचले स्तर पर थे. हजारों वैध और अवैध बोरवेल से लगातार भूजल खींचने से यह संकट और बढ़ गया. बारिश की कमी ने हालात को और खतरनाक बना दिया है. 2000 के दशक से यह समस्या धीरे‑धीरे सामने आने लगी थी, लेकिन अब यह एक भयावह रूप ले चुकी है. अगस्त 2025 में करमान प्रांत के सुदुरागी गांव में 15 मीटर चौड़ा और 5 मीटर गहरा गड्ढा बना था. अगले ही महीने करापिनार में 40 मीटर गहरा ‘इनूओबा ओब्रुक’ दिखाई दिया. अब वैज्ञानिकों की निगरानी में इन सिंकहोल्स का रिस्क मैप बनाया जा रहा है ताकि बस्तियों और सड़कों को बचाया जा सके.
यह भी पढ़ें: हिन्दू साम्राज्य की सबसे खूबसूरत महारानी पद्मिनी! जिनकी एक झलक देख अलाउद्दीन खिलजी हो गया था ‘पागल’
संबंधित खबरें
दिल्ली के 5-स्टार होटल में महिला को वॉशरूम से रोका, वीडियो वायरल
2 days agoफरिश्ता बन बच्चे को किया कैच, बालकनी से फिसलकर गिरा मासूम, देखें Video
3 days agoहिमंता बिस्वा सरमा से शख्स ने मांगा iPhone, वायरल हुआ असम के CM का रिएक्शन
5 days ago'आसमान में आपको कौन बचाएगा?', पायलट मच्छार का पुराना VIDEO हो रहा वायरल
7 days agoDU की छात्राएं क्यों कर रहीं प्रदर्शन? वायरल हुए ये नारे
8 days agoगधे के नाम पर जारी हुआ नर्सिंग सर्टिफिकेट, NSUI ने सिस्टम पर उठाए सवाल
8 days agoViral Video: सांड से टकराकर दो हिस्सों में टूटी लैंड रोवर डिस्कवरी
9 days agoछोड़ी IT की जॉब, चलाने लगीं रैपिडो ऑटो; बोलीं- कॉर्पोरेट से ज्यादा कमाई
9 days agoगुरुग्राम में MCG की मशीन में 'ऑटोमैटिक' क्या है? लोगों ने उठाए सवाल
9 days ago200 टन वजन, 308 पहिए, बेल्जियम टू UP... क्या लदा है 100 फुट लंबे ट्रक पर?
11 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines