TrendingBangladesh electioniranDonald Trump

---विज्ञापन---

पत्नी को वंदे भारत में बैठाने गया पति ट्रेन में ही हो गया बंद, नाइट सूट में करनी पड़ी 130 किमी यात्रा

Vande Bharat Train : वंदे भारत ट्रेन में ऑटोमेटिक दरवाजे लगे हैं जो ट्रेन के चलने से पहले ही अपने आप बंद हो जाते हैं। इस ट्रेन में जब एक शख्स अपनी पत्नी को बैठाने के लिए गया तो खुद ही बंद हो गया। इस शख्स की बेटी ने मजेदार घटना शेयर किया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
Vande Bharat Train :  वंदे भारत ट्रेन में ऑटोमेटिक दरवाजे लगाए गए हैं। ट्रेन के चलने से पहले ही ये दरवाजे बंद हो जाते हैं। एक शख्स जब अपनी पत्नी को वंदे भारत ट्रेन में बैठाने के लिए गया, समय पर वापस नहीं आ पाया और दरवाजे बंद हो गए। इसके बाद शख्स को 130 किमी की यात्रा करनी पड़ी वो भी नाइट सूट में ! कपल की बेटी ने इस मजेदार घटना को सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

पत्नी को ट्रेन में बैठाने गया, खुद हो गया बंद

मामला वडोदरा का है। सोशल मीडिया पर एक लड़की ने बताया कि मां वडोदरा से मुंबई आ रही थीं। मां के तैयार हो जाने के बाद पापा सोकर उठे और मां को स्टेशन छोड़ने के लिए निकल गए। ट्रेन आई और मां के साथ पिता भी ट्रेन में चढ़ गए। वह ट्रेन में इसलिए चढ़े थे ताकि सामान को सही तरीके से रख दें और मां को यात्रा के दौरान कोई परेशानी ना हो। हालांकि इस दौरान ट्रेन के दरवाजे पर लाइट जलने लगीं, जो दरवाजे के बंद होने का इशारा करती हैं। हालांकि लड़की के पिता का ध्यान इस पर नहीं गया और दरवाजे बंद हो गए। दरवाजे बंद होते ही इस लड़की के पिता टीटी के पास पहुंचे लेकिन ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी और ट्रेन को रोकना संभव नहीं था। टीटी ने ट्रेन रोकने से मना कर लिया। इसके बाद लड़की के पिता को वडोदरा से सूरत तक की यात्रा करनी पड़ी, वो भी नाइट सूट में !अब इस लड़की का पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिस पर लोगों के मजेदार कमेंट्स आ रहे हैं। एक ने लिखा कि इस तरह की स्थिति कई बार देख चुका हूं क्योंकि वंदे भारत ट्रेन के स्टॉप की टाइमिंग काफी कम है। एक ने लिखा कि एक बार मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ था, जब मैं सामान लेने के लिए नीचे गया तो ट्रेन के दरवाजे बंद हो गए और मुझे छोड़कर ट्रेन चली गई। यह भी पढ़ें : ‘सुबह कॉफी फ‍िर प्रभु का नाम और फ‍िर शाम में जाम’, 114 साल की उम्र में सबसे बुजुर्ग ने दुन‍िया छोड़ी एक अन्य ने लिखा कि हमारे देश के लोगों को अभी तक ऑटोमेटिक दरवाजों की आदत ही नहीं हुई है। एक अन्य ने लिखा कि ट्रेन के दरवाजे बंद होने से कुछ देर पहले अलार्म बजना चाहिए ताकि लोग अलर्ट हो जाएं। एक अन्य ने लिखा कि इसे पढ़कर लोगों के चेहरे पर हंसी आ रही है, क्या यादगार सफर रहा होगा।


Topics:

---विज्ञापन---